New Income Tax Act: भारत के टैक्स सिस्टम में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है. 1 अप्रैल, 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू हो जाएगा. इस बदलाव को आम जनता के लिए आसान बनाने के लिए CBDT के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने ‘PRARAMBH’ (प्रारंभ) नाम के एक खास अभियान की घोषणा की है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में बताया गया कि सरकार का मकसद अब टैक्स वसूलने के साथ-साथ टैक्सपेयर की मदद करना भी है.
क्या है ‘PRARAMBH’ और इससे आपको क्या फायदा होगा?
ANI की रपोर्ट के अनुसार, ‘PRARAMBH’ का पूरा नाम ‘पॉलिसी रिफॉर्म एंड रिस्पॉन्सिबल एक्शन फॉर मिशन विकसित भारत’ है. सरल भाषा में कहें तो, यह एक ऐसी पहल है जो नए टैक्स कानून को समझने में आपकी मदद करेगी. सरकार अब भारी-भरकम नियमों के बजाय सादगी पर जोर दे रही है ताकि आम आदमी बिना किसी डर या उलझन के अपना टैक्स भर सके.
नियमों और फॉर्म्स में कितनी कटौती की गई है?
नए बदलावों के बाद कागजी कार्रवाई का बोझ आधा हो जाएगा. पहले जहां 510 नियम थे, उन्हें घटाकर अब सिर्फ 333 कर दिया गया है. इसी तरह, 399 फॉर्म्स की जगह अब केवल 190 फॉर्म्स ही रह जाएंगे. यानी लगभग 52% कम कर दिए गए हैं. चेयरमैन अग्रवाल के मुताबिक, इस कदम से लगभग 6 करोड़ ट्रांजैक्शन में कागजी फॉर्मेलिटीज खत्म हो जाएंगी.
अगर कोई उलझन हो तो मदद कहां से मिलेगी?
टैक्सपेयर्स की मदद के लिए सरकार ने ‘कर साथी’ (Kar Saathi) नाम का एक AI चैटबॉट लॉन्च किया है. यह विभाग की वेबसाइट पर 24 घंटे उपलब्ध रहेगा और आपके सवालों के जवाब देगा. इसके अलावा, 2,200 से ज्यादा FAQ और 186 फॉर्म्स के लिए गाइड नोट्स तैयार किए गए हैं. जो लोग डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर पाते, उनके लिए देशभर के ‘आयकर सेवा केंद्रों’ पर भी मदद दी जाएगी.
क्या यह बदलाव सच में ट्रांसपेरेंसी होगा?
CBDT का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया “नागरिक देवो भव” की भावना पर आधारित है. नए पोर्टल, डिजिटल टूल्स और कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध जानकारी के जरिए टैक्स सिस्टम को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा. इसका सीधा लक्ष्य टैक्स भरने की प्रक्रिया को सरल, सटीक और तनावमुक्त बनाना है.
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