MSME Bill 2026: छोटे कारोबारियों को राहत, 6 महीने तक मामला अटका तो अदालत दिला सकती है आधा पैसा

MSME Bill 2026: लोकसभा ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया. इस विधेयक का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है.

MSME Bill 2026: लोकसभा ने शुक्रवार (7 अगस्त) को एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को विपक्ष के हंगामे के बीच बिना चर्चा के पारित कर दिया. इससे पहले 3 अगस्त को यह विधेयक राज्यसभा से भी मंजूरी पा चुका था. दोनों सदनों से पारित होने के बाद अब यह विधेयक संसद की मंजूरी हासिल कर चुका है. इस विधेयक का मकसद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को समय पर भुगतान दिलाना है. इसके लिए भुगतान में होने वाली देरी की समस्या को दूर करने, विवादों के निपटारे की व्यवस्था को और मजबूत बनाने के अलावा भुगतान प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने का प्रावधान किया गया है.

छोटे कारोबारियों को क्या होगा फायदा?

इस विधेयक में भुगतान से जुड़े विवादों का तय समय सीमा के भीतर निपटारा करने का प्रावधान किया गया है. साथ ही, समझौते के तहत तय रकम की वसूली को आसान बनाया गया है, ताकि छोटे कारोबारियों को समय पर पैसा मिल सके. इसके अलावा, अगर किसी अदालत में किसी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका छह महीने से अधिक समय तक लंबित रहती है, तो अदालत एमएसएमई आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) को निर्धारित राशि का कम से कम 50 फीसदी भुगतान करने का आदेश दे सकेगी. इससे छोटे कारोबारियों की नकदी (लिक्विडिटी) की समस्या कम करने में मदद मिलेगी.

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एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करना क्यों है जरूरी?

देश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) की बड़ी भूमिका है. भारत की जीडीपी में इनकी हिस्सेदारी करीब 31 फीसदी है. इसके अलावा, देश के कुल विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) उत्पादन में 36 फीसदी और कुल निर्यात में 41 फीसदी योगदान एमएसएमई क्षेत्र का है. इसलिए इस क्षेत्र को मजबूत करना देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने क्या बताया?

एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने राज्यसभा में बताया कि इस क्षेत्र को मिलने वाला कर्ज लगातार बढ़ा है. उन्होंने कहा कि 2014-15 में एमएसएमई को करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया था, जो अब बढ़कर 38.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. उनके मुताबिक, यह दिखाता है कि छोटे और मध्यम कारोबारों को पहले की तुलना में अधिक वित्तीय सहायता (पैसों की मदद) मिल रही है और इस क्षेत्र में कर्ज का प्रवाह (Flow of Credit) लगातार मजबूत हुआ है.


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16 मिनट के भीतर एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया

लोकसभा में शुक्रवार (7 अगस्त) को विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार हंगामा किया, जिससे शून्यकाल (Zero Hour) की कार्यवाही बाधित रही. दिन की पहली स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई और करीब 16 मिनट के भीतर एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया. इसके बाद हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही सोमवार (10 अगस्त)तक के लिए स्थगित कर दी गई.


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By अमिताभ कुमार

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