Post Office Scheme: इस स्कीम में डबल हो जाएगा पैसा, 124 महीने में 1 लाख रुपये हो जाएगा दोगुना, जानें योजना

Post Office Scheme: किसान विकास पत्र स्कीम की अवधि 124 महीने यानी 10 साल 4 महीने है. अगर इस स्कीम के तहत आपने निवेश किया है तो एक निश्चित तिथि के बाद आपकी रकम डबल हो जाएगी.

Post Office Scheme: बुरे वक्त में पैसा ही काम आता है. इसलिए पैसों की कमी से बचने के लिए हर किसी को बचत करना चाहिए. बचत के लिए सरकार ने कई योजनाएं चला रखी हैं. ऐसे में कभी-कभी दुविधा की स्थिति बन जाती है कि हम किस प्लान में निवेश (Investment Plane) करें.  किसमें ज्यादा फायदा होगा. इसके अलावा यह चिंता भी सताती है कि हमारा निवेश किया हुआ पैसा भी सुरक्षित रहे. ऐसे में आज हम आपको पोस्ट ऑफिस (Post Office) की एक खास योजना की जानकारी दे रहे हैं जिसमें आपका पैसा न सिर्फ सुरक्षित रहेगा बल्कि एक खास अवधि में यह डबल भी हो जाएगा.

किसान विकास पत्र योजना: सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, पोस्ट ऑफिस पब्लिक प्रॉविडेंट फंड समेत डाकघर की कई ऐसी योजनाएं हैं जिसमें निवेशकों को बढ़िया रिटर्न मिलता है. इन्ही योजनाओं के बीच पोस्ट ऑफिस की एक योजना है किसान विकास पत्र (KVP). इस योजना में निवेशकों को फिलहाल सालाना 6.9 फीसदी कंपाउंड इंटरेस्ट के हिसाब से ब्याज मिलता है.

क्या है केवीपी स्कीम: किसान विकास पत्र स्कीम की अवधि 124 महीने यानी 10 साल 4 महीने है. अगर इस स्कीम के तहत आपने निवेश किया है तो एक निश्चित तिथि के बाद आपकी रकम डबल हो जाएगी. किसान विकास पत्र में निवेश सर्टिफिकेट के रूप में 1000 रुपए, 5000 रुपए, 10000 रुपए और 50000 रुपए तक के सर्टिफिकेट खरीद सकते हैं.

1000 रुपये से शुरू कर सकते हैं निवेश: जो भी निवेश करना चाहें वो किसान विकास पत्र सर्टिफिकेट को 1000 रुपए की कीमत में भी खरीद सकते हैं. हालांकि इस स्कीम में निवेश करने की कोई अधिकतम सीमा नहीं है. यानी इस योजना में आप जितना चाहें पैसा लगा सकते हैं. इस योजना के तहत निवेशक सिंगल या जॉइंट अकाउंट खो सकते हैं. एक निश्चित समय में उनका पैसा डबल हो जाएगा.

कौन कर सकता है निवेश: किसान विकास पत्र योजना का लाभ सिर्फ किसानों के लिए नहीं है. इस स्कीम में कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है. हां कोई एनआरआई एस स्कीम का लाभ नहीं उठा सकता है. इस स्कीम के नाम में जो किसान शब्द का इस्तेमाल किया गया है, वह इसलिए है कि इस स्कीम को किसानों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. 

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Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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