LPG Cylinder पर फैल रही खबरें भ्रामक! अफवाहों से रहें सावधान, जानिए सच्चाई

LPG Supply: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण भारत में रसोई गैस की भारी किल्लत और सिलेंडर का वजन घटाने की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अब 14.2 किलो के सिलेंडर में केवल 10 किलो गैस मिलेगी. हालांकि, सरकार ने अब इस वायरल खबर का सच बताते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की है.

LPG Supply: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई रुकने की वजह से भारत में रसोई गैस की भारी किल्लत होने की आशंका है. कई मीडिया दावा कर रहे हैं कि अब 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर में केवल 10 किलोग्राम गैस ही भरी जाएगी. अब इस वायरल खबर दावे पर सरकार का आधिकारिक बयान सामने आ गया है जिससे स्थिति साफ हो गई है.

सरकार ने दावों को बताया पूरी तरह गलत

सरकार ने दावों को बताया पूरी तरह गलत. वायरल हो रही खबरों पर विराम लगाते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिलेंडर में गैस की मात्रा कम करने का कोई भी विचार नहीं है. सरकारी सूत्रों के अनुसार गैस सप्लाई को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और तेल कंपनियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं. सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अपुष्ट खबर पर भरोसा न करें और न ही उसे आगे साझा करें.

आखिर क्यों आई सिलेंडर की कमी?

भारत अपनी जरूरत की लगभग 60% गैस विदेशों से मंगाता है.

  1. सप्लाई रूट बंद: ईरान और आसपास के इलाकों में जारी युद्ध की वजह से ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (जो तेल सप्लाई का मुख्य रास्ता है) से जहाजों का आना-जाना बहुत कम हो गया है.
  2. जहाज फंसे: भारत आने वाले कई एलपीजी टैंकर खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं और पिछले हफ्ते से कोई नया कार्गो भारत नहीं पहुंचा है.
  3. भारी मांग: भारत में हर दिन लगभग 93,500 टन एलपीजी की खपत होती है, जिसका बड़ा हिस्सा घरों में इस्तेमाल होता है.

सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने की कोशिश 

हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना हुआ है लेकिन भारत सरकार ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सतर्क है. पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार वैश्विक स्थितियों पर नजर बनाए हुए है ताकि देश में रसोई गैस की किल्लत न हो. उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाली जानकारी पर ही यकीन करें. फिलहाल सिलेंडर की वजन प्रक्रिया या गैस वितरण के नियमों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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