LPG Supply: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई रुकने की वजह से भारत में रसोई गैस की भारी किल्लत होने की आशंका है. कई मीडिया दावा कर रहे हैं कि अब 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर में केवल 10 किलोग्राम गैस ही भरी जाएगी. अब इस वायरल खबर दावे पर सरकार का आधिकारिक बयान सामने आ गया है जिससे स्थिति साफ हो गई है.
सरकार ने दावों को बताया पूरी तरह गलत
सरकार ने दावों को बताया पूरी तरह गलत. वायरल हो रही खबरों पर विराम लगाते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिलेंडर में गैस की मात्रा कम करने का कोई भी विचार नहीं है. सरकारी सूत्रों के अनुसार गैस सप्लाई को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और तेल कंपनियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं. सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अपुष्ट खबर पर भरोसा न करें और न ही उसे आगे साझा करें.
आखिर क्यों आई सिलेंडर की कमी?
भारत अपनी जरूरत की लगभग 60% गैस विदेशों से मंगाता है.
- सप्लाई रूट बंद: ईरान और आसपास के इलाकों में जारी युद्ध की वजह से ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (जो तेल सप्लाई का मुख्य रास्ता है) से जहाजों का आना-जाना बहुत कम हो गया है.
- जहाज फंसे: भारत आने वाले कई एलपीजी टैंकर खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं और पिछले हफ्ते से कोई नया कार्गो भारत नहीं पहुंचा है.
- भारी मांग: भारत में हर दिन लगभग 93,500 टन एलपीजी की खपत होती है, जिसका बड़ा हिस्सा घरों में इस्तेमाल होता है.
सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने की कोशिश
हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना हुआ है लेकिन भारत सरकार ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सतर्क है. पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार वैश्विक स्थितियों पर नजर बनाए हुए है ताकि देश में रसोई गैस की किल्लत न हो. उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाली जानकारी पर ही यकीन करें. फिलहाल सिलेंडर की वजन प्रक्रिया या गैस वितरण के नियमों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है.
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