Rupee vs Dollar : ग्लोबल लेवल पर जारी भारी उथल-पुथल और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के बिगड़ते हालातों ने भारतीय रुपये को अब तक के सबसे बुरे दौर में धकेल दिया है. हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन, मंगलवार 19 मई को शुरुआती कारोबार में ही रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे और टूटकर 96.38 प्रति डॉलर के एक नए सर्वकालिक (All-Time Low) निचले स्तर पर आ गया.
सोमवार को रुपया ₹96.20 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था, लेकिन आज सुबह बाजार खुलते ही यह रिकॉर्ड भी पीछे छूट गया.
क्या है रुपये के लगातार टूटने की मुख्य वजह?
विदेशी मुद्रा कारोबारियों (Forex Traders) के मुताबिक, इस समय रुपये की कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक राजनीति और समुद्री व्यापार मार्ग का संकट है.
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर संकट: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता गतिरोध अब व्यापार के लिए खतरा बन गया है. इस विवाद के कारण दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक, ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के बंद होने जैसी स्थिति बन रही है. इसके चलते भारत का खाड़ी (Gulf) देशों से होने वाला आयात और वहां को जाने वाला निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
- महंगा क्रूड ऑयल: भले ही आज अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.91% की मामूली गिरावट के साथ 109.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, लेकिन इसका $110 के आसपास बने रहना भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्था के लिए अब भी बहुत बड़ा सिरदर्द है.
- डॉलर इंडेक्स का हाल: दुनिया की छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला ‘डॉलर सूचकांक’ आज सुबह 0.09% की मामूली गिरावट के साथ 99.10 पर देखा गया, लेकिन इसके बावजूद घरेलू बाजार में डॉलर की मांग बहुत ज्यादा बनी हुई है.
शेयर बाजार में रौनक, लेकिन रुपये को सहारा नहीं
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहां रुपया लगातार गोता लगा रहा है, वहीं देश के शेयर बाजारों में आज सुबह से ही बंपर खरीदारी देखी जा रही है.
- सेंसेक्स (Sensex): शुरुआती कारोबार में 366.71 अंक की बढ़त के साथ 75,706.88 के मजबूत स्तर पर पहुंच गया.
- निफ्टी (Nifty): निफ्टी भी 107.45 अंक की तेजी के साथ 23,760 अंक के पार कारोबार कर रहा है.
भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत की बात यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) बाजार में लगातार पैसा लगा रहे हैं. सोमवार को विदेशी निवेशकों ने लगातार तीसरे दिन शुद्ध खरीदारी करते हुए 2,813.69 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. बाजार में आ रहे इस विदेशी पैसे के बावजूद वैश्विक तनाव के चलते करेंसी मार्केट में रुपये पर दबाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है.
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