Indian Railways : देश में रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने और ट्रेनों की लेटलतीफी (Delay) को खत्म करने के लिए रेल मंत्रालय ने मंगलवार को एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने कुल 2,193 करोड़ रुपये की लागत वाले तीन महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है.
ये प्रोजेक्ट्स जम्मू के पवित्र कटरा रूट की सुरक्षा बढ़ाने, दिल्ली-हावड़ा मुख्य मार्ग पर नई लाइन बिछाने और चेन्नई के उपनगरीय (Suburban) नेटवर्क की भीड़भाड़ कम करने से जुड़े हैं. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये योजनाएं देश के सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में सुरक्षित और विश्वसनीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं.
आइए इन तीनों बड़े प्रोजेक्ट्स का पूरा ब्योरा समझते हैं.
जम्मू-कटरा रूट: सुरक्षा के लिए ₹238 करोड़ का ‘विशेष पैकेज’: Northern Railway के तहत आने वाले जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा सेक्शन के लिए ₹238 करोड़ मंजूर किए गए हैं. यह रूट हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को माता के दरबार तक पहुंचाता है, लेकिन कठिन पहाड़ी इलाके, भूगर्भीय (Geological) समस्याओं और खराब मौसम के कारण यहां हमेशा इंजीनियरिंग और ऑपरेशनल चुनौतियां बनी रहती हैं.
इस पैसे से संवेदनशील जगहों पर ढलानों को मजबूत (Slope Stabilisation) किया जाएगा, सुरंगों (Tunnels) की मरम्मत होगी, सुरंगों के भीतर पानी के रिसाव (Seepage) को ठीक किया जाएगा और पुलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कटरा रूट के पुलों, कटिंग्स और सुरंगों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद यह राशि दी गई है, जिससे इस रणनीतिक मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन लंबी अवधि के लिए पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद हो जाएगा.
पूर्व भारत (हावड़ा-दिल्ली रूट): ₹962 करोड़ से बनेगी तीसरी लाइन बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाले बेहद व्यस्त हावड़ा-दिल्ली रेल कॉरिडोर पर क्षमता बढ़ाने के लिए क्यूल-झाझा (Kiul-Jhajha) के बीच 54 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन को मंजूरी दी गई है. इस पर 962 करोड़ रुपये खर्च होंगे. फिलहाल क्यूल और झाझा के बीच सिर्फ डबल लाइन है, जो अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा काम कर रही है.
इस वजह से ट्रेनें अक्सर लेट होती हैं. तीसरी लाइन बनने से ट्रेनों की पंक्चुअलिटी (समयबद्धता) सुधरेगी. यह रूट कोलकाता/हल्दिया बंदरगाहों और रक्सौल/नेपाल के बीच कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. साथ ही बरौनी, बाढ़ एसटीपीपी (Barh STPP) और बीरगंज आईसीडी से आने-जाने वाली मालगाड़ियों को भी इससे सीधा रास्ता मिलेगा और पटना-कोलकाता लिंक मजबूत होगा.
दक्षिण भारत (चेन्नई सबअर्बन): ₹993 करोड़ से होगा दोहरीकरण (Doubling): चेन्नई के उपनगरीय सर्कुलर नेटवर्क को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अरक्कोनम-चेंगलपट्टू (Arakkonam-Chengalpattu) के बीच 68 किलोमीटर लंबी लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी मिली है. इस प्रोजेक्ट का बजट 993 करोड़ रुपये रखा गया है. अभी यह सिंगल लाइन है, जिससे लोकल ट्रेनों को काफी इंतजार (Detention Time) करना पड़ता है.
डबल लाइन होने से चेन्नई बीच, तांबरम, चेंगलपट्टू और अरक्कोनम के बीच चलने वाली सबअर्बन लोकल ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी (संख्या) बढ़ जाएगी और वे समय पर चल सकेंगी. यह कॉरिडोर महिंद्रा वर्ल्ड सिटी, श्रीपेरंबदूर, ओरागडम और इरुंगाट्टुकोट्टई जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों को सेवा देता है, जहां ऑटोमोबाइल, सीमेंट और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज हैं. इसके अलावा कांचीपुरम के पास बनने वाला प्रस्तावित परंदूर एयरपोर्ट (Parandur Airport) भी इसी रूट के नजदीक है. इस प्रोजेक्ट से सीमेंट, स्टील, ऑटोमोबाइल और अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई बहुत आसान हो जाएगी.
