India First Budget: भारत आज लाखों करोड़ों रुपये का विशाल बजट पेश कर रहा है. दुनिया में पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में इंडियन इकोनॉमी शुमार है. ऐसे में हमें ऐतिहासिक दिन को याद करना जरूरी है, जब भारतीय इतिहास में पहली बार बजट शब्द सुनाई दिया था. यह दिन था 7 अप्रैल 1860. दरअसल 1857 की क्रांति के बाद ब्रिटिश शासन में दो बदलाव आए. पहला ईस्ट इंडिया कंपनी निजी हाथों से निकलकर ब्रिटिश क्राउन के अधीन हो गई. दूसरा, ब्रिटिश क्राउन के अधीन होने पर यहां के खर्चों का लेखा जोखा शुरू किया गया.
1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार का खजाना लगभग खाली हो चुका था. वित्तीय संकट को संभालने के लिए जेम्स विल्सन को भारत भेजा गया, उन्होंने पहली बार भारत का पहला बजट पेश किया. वित्त सदस्य जेम्स विल्सन ने यह बजट चमड़े के एक थैले में रखकर संसद में पेश किया था. उस दौर में बजट का मकसद औपनिवेशिक शासन जिसमें खासकर सैनिकों के खर्चों को पूरा करना और राजस्व जुटाना था. आम जनता की भलाई की बजाय बजट के जरिए टैक्स वसूली और प्रशासनिक नियंत्रण पर अधिक जोर दिया गया था.
200 रुपये से ज्यादा कमाने वालों पर टैक्स
जेम्स विल्सन के पेश किए अपने पहले बजट में पहली बार भारतीय लोगों पर इनकम टैक्स लगाया गया था. जिन लोगों की सालाना इनकम 200 से कम थी उन्हें कोई टैक्स नहीं देना था. लेकिन इनकम 200 से 500 रुपये के बीच है तो उन्हें 2% और 500 से ऊपर है तो 4% टैक्स देना होगा. वहीं निर्मला सीतारमण के पेश किए गए मौजूदा बजट में 3 लाख रुपये तक सालाना आमदनी पर टैक्स शून्य रखा गया है. 3 लाख से लेकर 50 लाख से अधिक इनकम पर अलग-अलग टैक्स स्लैब रखे गए हैं.
| अवधि / बजट | सालाना आय | टैक्स दर |
|---|---|---|
| पहला भारतीय बजट (जेम्स विल्सन, 1860) | ₹200 से कम | कोई टैक्स नहीं |
| ₹200 – ₹500 | 2% | |
| ₹500 से अधिक | 4% | |
| मौजूदा बजट (निर्मला सीतारमण, 2026–27) | ₹3 लाख तक | कोई टैक्स नहीं |
| ₹3 लाख से अधिक | अलग-अलग स्लैब (आय के अनुसार) | |
| ₹50 लाख से अधिक | उच्चतम टैक्स स्लैब लागू |
रक्षा बजट को कम किया गया था
ब्रिटिश सरकार के कार्यकाल में पेश किए गए देश के पहले बजट में ब्रिटिश सरकार के खर्च को कम करने के लिए सेना के बजट में बड़ी कटौती का प्रस्ताव रखा गया था. इसका मकसद सरकारी खजाने को फिर से मजबूत करना था. वहीं मौजूदा बजट में वित्त मंत्री ने रक्षा बजट में भारी भरकम इजाफा किया है. भारत ने बजट 2026–27 में अपने रक्षा खर्च को बढ़ाते हुए इसमें 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें से ₹2.19 लाख करोड़ आधुनिकीकरण के लिए रखा गया है. यह पिछले साल की तुलना में लगभग 22% की वृद्धि है.
| बिंदु | 1860 का बजट | 2026–27 का बजट |
|---|---|---|
| नीति | सेना के खर्च में कटौती | रक्षा बजट में बड़ा इजाफा |
| उद्देश्य | ब्रिटिश सरकार का खर्च कम करना | सुरक्षा व सैन्य आधुनिकीकरण |
| कुल रक्षा बजट | कटौती का प्रस्ताव | ₹7.85 लाख करोड़ |
| आधुनिकीकरण | उल्लेख नहीं | ₹2.19 लाख करोड़ |
| वार्षिक वृद्धि | — | लगभग 22% |
कई अन्य कर भी लागू किए गए
जेम्स विल्सन ने अपने बजट में व्यापार से जुड़े कई नए कर भी लागू किए थे. उन्होंने लाइसेंस टैक्स और ड्यूटी का प्रस्ताव अपने बजट में रखा था. इसका मतलब है कि अगल किसी को कोई नया व्यवसाय शुरू करना हो तो इसके लिए उसे लाइसेंस लेना होगा और उसके लिए शुल्क जमा करना होगा. 1960 में विदेशों से आने वाले सामानों पर टैक्स लगाया गया. 2026 के बजट में बेसिक कस्टम ड्यूटी 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया. 1960 में पहली बार नोट छापने की सरकारी व्यवस्था शुरू की हुई. 1960 में लाइसेंस टैक्स शुरू किया गया. 1960 के बजट में जेम्स विल्सन ने व्यापार से जुड़े कई नए कर लागू किए
| विषय | 1860 (जेम्स विल्सन) | 2026 का बजट |
|---|---|---|
| व्यापार कर | नए व्यापार कर लागू | टैक्स सिस्टम सरलीकरण |
| लाइसेंस टैक्स | पहली बार लागू | अधिकांश क्षेत्रों में समाप्त/सरल |
| कस्टम ड्यूटी | विदेश से आने वाले सामान पर टैक्स | बेसिक कस्टम ड्यूटी 20% → 10% |
| नोट छापने की व्यवस्था | सरकारी व्यवस्था की शुरुआत | पहले से स्थापित प्रणाली |
| उद्देश्य | राजस्व बढ़ाना और नियंत्रण | व्यापार को बढ़ावा देना |
