अब दुनिया देखेगी भारत का दम, यूरोप के साथ हुआ सदी का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता

India EU Trade Deal: प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह समझौता भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (विनिर्माण क्षेत्र) के लिए क्रांतिकारी साबित होगा. व्यापार बाधाएं कम होने से भारतीय उत्पादों की पहुंच यूरोपीय बाजारों तक आसान होगी, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई गति मिलेगी.

India EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने मिलकर एक बहुत बड़ा व्यापारिक समझौता (Free Trade Agreement) किया है. इसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा सौदा यानी ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है. गोवा में ‘इंडिया एनर्जी वीक’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसकी जानकारी दी और बताया कि इससे भारत को कितना फायदा होने वाला है.

आम आदमी और कारोबारियों को क्या मिलेगा ?

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह समझौता भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (विनिर्माण क्षेत्र) के लिए क्रांतिकारी साबित होगा. व्यापार बाधाएं कम होने से भारतीय उत्पादों की पहुंच यूरोपीय बाजारों तक आसान होगी, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई गति मिलेगी. इसके साथ ही, सेवा क्षेत्र (Services Sector) में भी व्यापक विस्तार की संभावनाएं हैं, जो भारतीय युवाओं और पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा. “यह समझौता न केवल व्यापार को बढ़ाएगा, बल्कि हर निवेशक और व्यवसायी के मन में भारत के प्रति विश्वास को भी सुदृढ़ करेगा.

  • बिनेस में आसानी: भारत के व्यापारियों के लिए यूरोप में सामान बेचना आसान हो जाएगा.
  • निवेश: विदेशी कंपनियां अब भारत में पैसा लगाने और फैक्ट्रियां खोलने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाएंगी.
  • सर्विस सेक्टर: आईटी (IT) और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए भी यूरोप के दरवाजे और ज्यादा खुलेंगे.

विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह समझौता भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (विनिर्माण क्षेत्र) के लिए क्रांतिकारी साबित होगा. व्यापार बाधाएं कम होने से भारतीय उत्पादों की पहुंच यूरोपीय बाजारों तक आसान होगी, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई गति मिलेगी. इसके साथ ही, सेवा क्षेत्र (Services Sector) में भी व्यापक विस्तार की संभावनाएं हैं, जो भारतीय युवाओं और पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा.

यह सौदा केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह समझौता लोकतंत्र, कानून के शासन और साझा मूल्यों के प्रति दोनों क्षेत्रों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. यह समझौता ब्रिटेन और EFTA (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) के साथ हुए पिछले समझौतों का पूरक बनेगा, जिससे भारत की वैश्विक व्यापारिक स्थिति और भी मजबूत होगी.

लोकतंत्र और वैश्विक व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता

यह सौदा केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह समझौता लोकतंत्र, कानून के शासन और साझा मूल्यों के प्रति दोनों क्षेत्रों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. यह समझौता ब्रिटेन और EFTA (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) के साथ हुए पिछले समझौतों का पूरक बनेगा, जिससे भारत की वैश्विक व्यापारिक स्थिति और भी मजबूत होगी.

भारत और यूरोपीय संघ मिलकर वैश्विक व्यापार का लगभग 20% हिस्सा साझा करते हैं. वर्तमान में EU भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े इस साझेदारी की गहराई को दर्शाते हैं.

भारत-यूरोपीय संघ (EU) व्यापारिक आंकड़े

श्रेणी (Category)विवरण (Details)पिछले 10 वर्षों में वृद्धि
वस्तु व्यापार (Trade in Goods)120 बिलियन यूरो से अधिक (2024 का डेटा)100% (दोगुनी वृद्धि)
सेवा व्यापार (Trade in Services)66 बिलियन यूरो से अधिक (2024 का डेटा)243% (बड़ी उछाल)
भारत का प्रमुख निर्यातमशीनरी, उपकरण, रसायन और ईंधन
भारत का प्रमुख आयातपरिवहन उपकरण (जैसे विमान/गाड़ियाँ), मशीनरी और रसायन

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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