Income Tax Refund: देशभर के लाखों टैक्सपेयर्स इस वक्त अपने इनकम टैक्स रिफंड का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अगर आप भी उनमें से एक हैं जिनका रिफंड अभी तक बैंक खाते में क्रेडिट नहीं हुआ है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. इनकम टैक्स विभाग के पास रिफंड जारी करने के लिए अभी काफी समय है. आइए समझते हैं कि आखिर इस देरी के पीछे के तकनीकी और कानूनी कारण क्या हैं.
कब तक आएगा आपका पैसा? जानें अंतिम तारीख
नियमों के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग (CPC) के पास वित्त वर्ष 2024-25 के रिटर्न प्रोसेस करने और रिफंड भेजने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक का कानूनी समय है. इसका मतलब यह है कि भले ही आपने अपना ITR समय पर भरा हो या देरी से (बिलेटेड रिटर्न), विभाग के पास इसे प्रोसेस करने के लिए इस साल के अंत तक का मौका है. 31 दिसंबर 2026 के बाद विभाग के पास धारा 143(1) के तहत सूचना जारी करने का कानूनी अधिकार नहीं रहेगा.
ITR फाइलिंग के ताजा आंकड़े क्या कहते हैं?
19 जनवरी 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी स्पष्ट हो जाती है:
- कुल रजिस्टर्ड यूजर्स 13.67 करोड़.
- फाइल किए गए ITR 8.82 करोड़.
- वेरिफाई हुए रिटर्न 8.69 करोड़.
- प्रोसेस किए गए रिटर्न: 8.17 करोड़.
इन आंकड़ों से साफ है कि एक बड़ी संख्या में रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं, लेकिन अभी भी लाखों टैक्सपेयर्स लाइन में हैं जिनका काम होना बाकी है.
रिफंड रुकने की 3 मुख्य वजहें
अगर आपका रिफंड अटक गया है, तो इसके पीछे ये बड़े कारण हो सकते हैं:
- अगर आपने बहुत बड़े अमाउंट का रिफंड क्लेम किया है, तो विभाग उसकी बारीकी से जांच करता है, जिसमें वक्त लगता है.
- यदि पिछले किसी साल का टैक्स आप पर बकाया है, तो विभाग आपके मौजूदा रिफंड को उस बकाये के साथ एडजस्ट (Set-off) कर सकता है.
- कई बार टैक्सपेयर की तरफ से दी गई बैंक डिटेल्स गलत होती हैं या बैंक खाता Pre-validate नहीं होता, जिससे पैसा फेल हो जाता है.
अब आपको क्या करना चाहिए?
घबराने के बजाय सबसे पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर अपना ITR Status चेक करें. यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर सही ढंग से जुड़ा है और वैलिडेटेड है. अगर विभाग की ओर से कोई नोटिस या स्पष्टीकरण मांगा गया है, तो उसका तुरंत जवाब दें.
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