Credit Card Limit: क्रेडिट कार्ड जेब में हो और लिमिट कम पड़ जाए, तो बड़ी खीज मचती है. हम सालों तक कार्ड चलाते हैं, टाइम पर बिल भी भरते हैं, फिर भी बैंक लिमिट बढ़ाने का नाम नहीं लेता. असल में बैंक आपकी सिर्फ ईमानदारी नहीं, बल्कि आपकी स्मार्टनेस देखता है. अगर आप भी चाहते हैं कि अगली बार स्वाइप करते वक्त आपको सोचना न पड़े, तो ये 5 काम आज ही निपटा लें.
आय में बढ़ोतरी की जानकारी अपडेट करें
अक्सर हम नौकरी बदलते हैं या प्रमोशन पाते हैं, लेकिन बैंक के रिकॉर्ड में हमारी पुरानी सैलरी ही चल रही होती है. बैंक को कैसे पता चलेगा कि आपकी सैलरी बढ़ गई है? अपनी नई सैलरी स्लिप या लेटेस्ट ITR बैंक को ईमेल करें या ऐप पर अपलोड करें. जैसे ही उन्हें आपकी बढ़ी हुई इनकम दिखेगी, वे खुद आपकी लिमिट बढ़ाने का ऑफर दे देंगे.
बैंक से स्वयं संपर्क करें
कई बार बैंक ऑटोमैटिक तरीके से लिमिट नहीं बढ़ाते. ऐसी स्थिति में आप खुद बैंक के मोबाइल ऐप, कस्टमर केयर या नजदीकी शाखा के जरिए ‘लिमिट एन्हांसमेंट’ की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं. यदि आपका पेमेंट रिकॉर्ड अच्छा है, तो बैंक आपकी अर्जी पर तुरंत विचार करता है.
‘लिमिट’ का पूरा इस्तेमाल करना बंद करें
अगर आपकी लिमिट 1 लाख है, तो पूरा 1 लाख खर्च करना बहादुरी नहीं है. बैंक की नजर में यह एक ‘रेड सिग्नल’ है. वो समझते हैं कि आप पैसों के लिए पूरी तरह कार्ड पर ही टिके हैं. कोशिश करें कि अपनी लिमिट का सिर्फ 25-30% ही खर्च करें. जब आप कम खर्च करते हैं, तो बैंक को लगता है कि आप एक सुरक्षित यूजर हैं और वो आपकी लिमिट बढ़ा देता है.
हर जगह कार्ड अप्लाई करने की गलती न करें
कुछ लोग लिमिट बढ़ाने के चक्कर में 4 नए बैंकों के कार्ड अप्लाई कर देते हैं. याद रखिए, जितनी बार आप कार्ड के लिए अप्लाई करेंगे, आपका CIBIL स्कोर उतना ही हिलेगा. बार-बार इंक्वायरी होने से बैंक आपको ‘रिस्की’ मानने लगता है. नए कार्ड के पीछे भागने से अच्छा है, जो पास है उसे ही तगड़ा बनाएं.
ड्यू डेट से पहले ‘फुल पेमेंट’ की आदत डालें
सिर्फ मिनिमम ड्यू भरकर आप बैंक को ब्याज तो दे सकते हैं, लेकिन भरोसा नहीं जीत सकते. अगर आप चाहते हैं कि बैंक आपकी लिमिट बढ़ाए, तो हमेशा पूरा बिल भरें और वो भी आखिरी तारीख से 3 दिन पहले. यह अनुशासन दिखाता है कि आप पैसों को मैनेज करना जानते हैं.
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