CIBIL Score: जब आप पहली बार बैंक से कर्ज या क्रेडिट कार्ड की मांग करते हैं, तो अक्सर नो क्रेडिट हिस्ट्री का हवाला देकर आपका आवेदन रद्द कर दिया जाता है. बैंक के लिए क्रेडिट हिस्ट्री आपके वित्तीय चरित्र का आईना होती है. अगर आपने पहले कभी उधार नहीं लिया, तो बैंक आप पर भरोसा करने से कतराते हैं. लेकिन अपनी आर्थिक साख (Credit Profile) को जीरो से शुरू करना मुमकिन है.
छोटा क्रेडिट प्रोडक्ट और FD का सहारा
क्रेडिट हिस्ट्री बनाने का सबसे सुरक्षित और आसान रास्ता सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड है. इसके लिए आपको बैंक में एक निश्चित राशि की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करानी होती है, जिसके बदले बैंक आपको कार्ड जारी कर देता है. यहां उद्देश्य शॉपिंग करना नहीं, बल्कि समय पर भुगतान का एक साफ-सुथरा रिकॉर्ड बनाना है. इसके अलावा, आप छोटे कंज्यूमर लोन (जैसे मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक सामान की किस्त) से भी शुरुआत कर सकते हैं.
लिमिट का सही इस्तेमाल
क्रेडिट कार्ड मिलने के बाद उसकी पूरी लिमिट का इस्तेमाल करना आपकी साख को नुकसान पहुंचा सकता है. वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आपको अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का केवल 30 प्रतिशत तक ही खर्च करना चाहिए. अगर आप बार-बार पूरी लिमिट खत्म करते हैं, तो बैंकों को लगता है कि आप भारी वित्तीय दबाव में हैं, जिससे आपका स्कोर प्रभावित होता है.
समय पर भुगतान का फायदा
क्रेडिट स्कोर को रॉकेट की तरह ऊपर ले जाने का एकमात्र मंत्र है समय पर भुगतान. चाहे बिल छोटा हो या बड़ा, उसे आखिरी तारीख से पहले चुकाने की आदत डालें. देरी से किया गया एक भी भुगतान आपकी महीनों की मेहनत खराब कर सकता है. हमेशा टोटल ड्यू का भुगतान करें, केवल मिनिमम अमाउंट के जाल में न फंसें.
एक बार लेनदेन शुरू करने के बाद, अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को समय-समय पर चेक करना न भूलें. भारत में TransUnion CIBIL जैसी संस्थाएं आपका रिकॉर्ड रखती हैं. रिपोर्ट देखने से आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके सभी भुगतान सही दर्ज हो रहे हैं और कोई गलत खाता आपके नाम पर नहीं दिखा रहा है.
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