EPFO Wage Limit: ईपीएफ कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, न्यूनतम सैलरी में हो सकता है भारी इजाफा, जानें क्या होगा फायदा

EPFO Wage Limit: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार EPFO के तहत आने वाले कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी देने की तैयारी में है.

EPFO Wage Limit: केंद्र सरकार बहुत जल्द ईपीएफओ के तहत आने वाले कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी देने वाली है. सरकार ईपीएफओ अंशधारकों के न्यूनतम सैलरी में बढ़ोतरी का फैसला ले सकती है. इसकी मांग लंबे समय से हो रही है. पिछली बार सितंबर 2014 में वेतन सीमा को संशोधित किया गया था.

ईपीएफओ के तहत सैलरी 15000 से बढ़ाकर 21000 करने की तैयारी

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ईपीएफओ के तहत आने वाले कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी को 15000 से बढ़ाकर 21000 करने की तैयारी कर रही है. मोदी सरकार ने हाल ही में वेतन सीमा 6500 से बढ़ाकर 15000 कर दिया था. नये प्रस्ताव पर कुछ कर्मचारियों ने आपत्ति दर्ज की है और उनकी मांग है कि सैलरी सीमा को बढ़ाकर 25000 किया जाए.

ईपीएफओ से जुड़ने के लिए कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या घटाई जा सकती है

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ईपीएफओ को लेकर एक और बड़ी घोषणा कर सकती है. ईपीएफओ से जुड़ने के लिए न्यूनतम कर्मचारियों की संख्या में कटौती पर फैसला हो सकता है. मौजूदा समय में संख्या 20 है, जिसे घटाकर 10 से 15 कर्मचारी किया जा सकता है. इसका फायदा होगा कि छोटे से छोटे संस्थान भी ईपीएफओ से जुड़ जाएंगे.

ईपीएफओ वेतन सीमा बढ़ने से आपको क्या होगा फायदा

ईपीएफओ के तहत आने वाले देशभर के कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी अगर बढ़कर 21000 हो जाती है, तो इसका लाभ सेवानिवृति के समय मिलेगा. पेंशन और पीएफ राशि में इसका सीधा असर दिखेगा. आपके अंशदान में बढ़ोतरी होगी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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