Gold-Silver Rate: आज यानी 27 जनवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. बाजार में मची इस हलचल ने निवेशकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि दाम कहां तक पहुंचे हैं और इनके बढ़ने की असली वजह क्या है. आज यानी 27 जनवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. बाजार में मची इस हलचल ने निवेशकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि दाम कहां तक पहुंचे हैं और इनके बढ़ने की असली वजह क्या है.
सोना और चांदी: आज के ताजा भाव
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, कीमतों में भारी उछाल देखा गया है.
- सोना (24 कैरेट): 10 ग्राम सोने की कीमत ₹4,717 बढ़कर अब ₹1,59,027 हो गई है. (कल यह ₹1,54,310 पर था).
- चांदी: एक किलो चांदी के दाम में ₹24,802 की बड़ी बढ़त हुई है, जिससे यह ₹3,42,507 प्रति किलो पर पहुंच गई है.
- इस साल के शुरुआती 27 दिनों में ही चांदी करीब ₹1.12 लाख और सोना ₹25,000 से ज्यादा महंगा हो चुका है.
सोने के दाम: 2007 से 2026 तक का सफर
पिछले 19 सालों में सोने की कीमतों ने एक लंबी छलांग लगाई है। विशेष रूप से 2025 से 2026 के बीच की बढ़त सबसे चौंकाने वाली है.
| वर्ष | सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम) | मुख्य पड़ाव |
| 2007 | ₹10,000 | शुरुआती स्थिर दौर |
| 2011 | ₹20,000 | 4 साल में कीमत दोगुनी हुई |
| 2020 | ₹40,000 | 9 साल में फिर से 100% की बढ़त |
| 2024 | ₹70,000 | वैश्विक अनिश्चितता का असर |
| 2025 | ₹80,000 | साल के अंत तक की स्थिति (31 दिसंबर को ₹1,33,195 रिकॉर्ड किया गया) |
| 2026 (जनवरी) | ₹1,59,027 | अब तक का सबसे उच्चतम स्तर |
सोना महंगा होने के 3 बड़े कारण
- वैश्विक तनाव और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ती जिद और यूरोपीय देशों पर लगाए जा रहे नए टैक्स (टैरिफ) की धमकी से दुनियाभर के बाजार डरे हुए हैं. ऐसे माहौल में लोग शेयर बाजार के बजाय सोने में निवेश करना सुरक्षित समझते हैं.
- रुपए की ऐतिहासिक कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया ₹91.10 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. रुपया कमजोर होने से बाहर से सोना मंगाना महंगा पड़ता है, जिससे भारत में इसकी कीमतें आसमान छू रही हैं.
- सेंट्रल बैंकों की खरीदारी: भारत के RBI समेत दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व को सुरक्षित रखने के लिए भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं. डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम होने से रेट बढ़ रहे हैं.
चांदी की कीमतों में आग क्यों लगी है ?
चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल डिमांड है. आजकल सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी का बहुत इस्तेमाल हो रहा है. अमेरिकी कंपनियों को डर है कि आने वाले समय में सप्लाई कम हो सकती है, इसलिए वे पहले ही भारी स्टॉक जमा कर रही हैं. बाजार जानकारों का मानना है कि अगर ग्लोबल टेंशन कम नहीं हुई, तो 2026 में सोना ₹1.90 लाख और चांदी ₹4 लाख के पार जा सकती है.
Also Read: आधी कीमत पर मिलेगी विदेशी शराब और कारें? भारत-EU डील के वो सच जो आपको हैरान कर देंगे !
