Gold-Silver Price : अगर आप सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. वैश्विक बाजार में अस्थिरता कम होने और डॉलर की मजबूती के कारण इस हफ्ते कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखी गई है. भारत में सोने के भाव में 5,000 रुपये से ज्यादा और चांदी के भाव में 15,000 रुपये से ज्यादा की कमी आई है. यह लेख आपको बताएगा कि इस गिरावट के पीछे के असली कारण क्या हैं और आने वाले हफ़्ते में बाजार का रुख क्या हो सकता है.
सोने-चांदी की कीमतों में कितना बदलाव आया?
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह कीमतों में आई गिरावट इस प्रकार है:
| धातु | पहले का भाव (प्रति 10 ग्राम/किलो) | वर्तमान भाव | गिरावट |
| 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 1,44,970 रुपये | 1,39,873 रुपये | 5,097 रुपये |
| 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 1,32,793 रुपये | 1,28,124 रुपये | 4,669 रुपये |
| चांदी (1 किलो) | 2,31,973 रुपये | 2,16,541 रुपये | 15,432 रुपये |
कीमतों में गिरावट के पीछे के मुख्य कारण
बाजार के जानकार और कमोडिटी एक्सपर्ट्स इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारणों को मानते हैं.
- वैश्विक अस्थिरता में कमी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता घटने से सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग में कमी आई है.
- डॉलर की मजबूती: जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें अक्सर गिरती हैं.
- मुनाफावसूली (Profit Booking): काफी समय तक तेजी के बाद, अब बड़े निवेशक अपनी होल्डिंग्स बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ा है.
- फेडरल रिजर्व के संकेत: महंगाई को काबू करने के लिए ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के संकेतों ने भी कीमती धातुओं को कमजोर किया है.
अगले हफ्ते के लिए मार्केट एक्सपर्ट की राय
सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी है. उन्होंने अगले सप्ताह के लिए संभावित ‘सपोर्ट’ और ‘रेजिस्टेंस’ लेवल का अनुमान दिया है.
- सोने के लिए (Gold Outlook)
सपोर्ट: 1,37,000 – 1,34,000 रुपये
रेजिस्टेंस: 1,44,000 – 1,48,000 रुपये - चांदी के लिए (Silver Outlook)
सपोर्ट: 2,10,000 – 1,98,000 रुपये
रेजिस्टेंस: 2,30,000 – 2,42,000 रुपये
निवेशकों के लिए सलाह
गिरावट के इस दौर में एक आम निवेशक को क्या करना चाहिए?
- एकमुश्त निवेश से बचें: अगर आप गहने या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं, तो सारा पैसा एक साथ न लगाएं. गिरावट का फायदा उठाने के लिए ‘सिप’ (SIP) की तरह टुकड़ों में खरीदारी करें.
- पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन: सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो का 10-15% ही होना चाहिए. चांदी की वोलेटिलिटी (उतार-चढ़ाव) अधिक होती है, इसलिए इसमें सावधानी बरतें.
- क्वालिटी चेक: हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें. हालिया गिरावट का फायदा उठाकर सस्ते और मिलावटी गोल्ड से सावधान रहें.
- ट्रेसबिलिटी: बड़े निवेश के मामले में मेकिंग चार्ज और शुद्धता के सर्टिफिकेट्स पर जरूर ध्यान दें.
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