Coronavirus Lockdown : गोल्ड प्राइस में जबरदस्त उछाल आने की संभावना, अक्षय तृतीया को ज्वेलरी बाजार में दिखेगी रौनक

देश में कोरोना वायरस महामारी की वजह से भले ही अर्थव्यवस्था पर मंदी का खतरा मंडरा रहा हो, लेकिन ऐसी आपात स्थिति में भी कीमती धातु सोना में जबरदस्त उछाल आ सकता है.

नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस महामारी की वजह से भले ही अर्थव्यवस्था पर मंदी का खतरा मंडरा रहा हो, लेकिन ऐसी आपात स्थिति में भी कीमती धातु सोना में जबरदस्त उछाल आ सकता है. बाजार के जानकारों की मानें, जल्द ही भारत में सोना 50 हजार रुपये प्रति ग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर सकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि सोना हमेशा निवेशकों की सबसे पहली पंसद रहती है और यह संकट के समय में आदमी का असली साथी साबित होता है. उम्मीद है कि अक्षय तृतीया को देश में आभूषणों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है.

50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है कीमत : इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता का कहना है कि भारत में जल्द ही सोने की कीमत 50,000 रुपये से ऊपर जा सकता है और यह 52,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक के स्तर को छू सकता है. उन्होंने कहा कि सोना संकट का साथी बनता है और जब आर्थिक आंकड़ों में गिरावट आएगी, तो सोने के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ेगा.

अक्षय तृतीया में बढ़ सकती है आभूषणों की खरीदारी : सर्राफा कारोबारियों का अनुमान है कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के समाप्त होने के बाद जब बाजार खुलेगा, तब लोग अक्षय तृतीया की तैयारी कर पाएंगे. आम तौर पर देश में सोने की खरीदारी के लिए अक्षय तृतीया को शुभ मुहूर्त माना जाता है और हर साल इस अवसर पर लोग आभूषणों की खूब खरीदारी करते हैं. इस बार अक्षय तृतीया 26 अप्रैल को है और सर्राफा बाजार को अक्षय तृतीया को आभूषणों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है.

अमेरिकी फैसले से बढ़ सकती है सोने की चमक : बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संकट से निपटने के प्रयास में अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व समेत कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की है, जिसका फायदा सोने को मिलेगा. इससे आने वाले दिनों में पीली धातु में जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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