Gautam Adani Vs Hindenburg: अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग और अदाणी ग्रुप का विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सेबी (SEBI) को जांच कर दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने के कहा है. शीर्ष अदालत ने रिटायर्ड जज एएम सप्रे की अध्यक्षता में छह सदस्यीय पैनल का गठन करने का निर्देश दिया है. इस फैसले के बाद गौतम अदाणी (Gautam Adani) का भी रिएक्शन आया है. गौतम अदाणी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए ट्वीट किया है.
फैसले का स्वागत करते हुए गौतम अदाणी ने किया ट्वीट
गौतम अदाणी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए ट्वीट किया. अदाणी समूह के मुखिया गौतम अदाणी ने ट्वीट करते हुए लिखा है, अदाणी समूह माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता है. इससे समयबद्ध तरीके से काम पूरा हो पाएगा और सच की जीत होगी. बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को जांच का निर्देश दिया है. कोर्ट ने सेबी से पूछा है कि क्या इस मामले में सेबी के नियमों की धारा 19 का उल्लंघन हुआ है. क्या अदाणी समूह की ओर से स्टॉक की कीमतों में फेरबदल की गई है.
अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बीच SC का बड़ा कदम
बताते चलें कि अमेरिका की शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में हाल में आई भारी गिरावट के मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह बड़ा कदम उठाया है. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा तथा न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि समिति इस मामले में पूरी स्थिति का आकलन करेगी और निवेशकों की सभी चीजों के बारे में जागरूक करने और शेयर बाजारों की मौजूदा नियामकीय व्यवस्था को मजबूत करने के उपाय सुझाएगी. पीठ ने केंद्र सरकार के साथ-साथ वित्तीय सांविधिक निकायों, सेबी की चेयरपर्सन को समिति को जांच में पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है. उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ओपी भट और न्यायमूर्ति जेपी देवदत्त भी छह समिति के सदस्य होंगे. समिति के अन्य सदस्यों में नंदन नीलेकणि, के वी कामत, सोमशेखरन सुंदरसन शामिल हैं.
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अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग के आरोपों को पूरी तरह से कर दिया खारिज
उल्लेखरीय है कि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद से अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में जोरदार गिरावट आई है. रिपोर्ट में अदाणी समूह पर शेयरों में हेराफेरी का आरोप लगाया गया है. हालांकि, समूह ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.
