Flipkart IPO: फ्लिपकार्ट अब सिर्फ एक शॉपिंग ऐप नहीं रहा, बल्कि खुद को अगले लेवल पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी बहुत जल्द अपना आईपीओ (IPO) लाने वाली है, यानी अब आम लोग भी इसके शेयर्स खरीद पाएंगे. इसी बड़े मिशन को ध्यान में रखते हुए फ्लिपकार्ट ने अपनी लीडरशिप टीम में दो एक्सपीरियंस्ड प्रोफेशनल्स को शामिल किया है. जेसन चैपल और आमेर हुसैन को वाइस प्रेसिडेंट जैसी बड़ी रिस्पान्सबिलिटी दी गई हैं, ताकि कंपनी के कामकाज को इंटरनेशनल लेवल का बनाया जा सके.
जेसन चैपल के आने से क्या बदलेगा?
जेसन चैपल को वॉलमार्ट में काम करने का बहुत अनुभव है. उन्होंने चीन, जापान और कनाडा जैसे देशों में वॉलमार्ट के फाइनेंस को संभाला है. अब वे बेंगलुरु में रहकर फ्लिपकार्ट के वाइस प्रेसिडेंट और ग्रुप कंट्रोलर का रोल निभाएंगे. उनका काम यह पक्का करना होगा कि कंपनी का सारा हिसाब-किताब, अकाउंटिंग और फाइनेंशियल रिपोर्ट्स एकदम सटीक रहें. जब कोई कंपनी शेयर मार्केट में कदम रखती है, तो उसके पैसे का मैनेजमेंट बहुत मायने रखता है, और जेसन इसी काम में माहिर हैं.
आमेर हुसैन का क्या होगा खास रोल?
अगर आप फ्लिपकार्ट से राशन या मिनट्स के जरिए तुरंत सामान मंगवाते हैं, तो आमेर हुसैन का रोल आपकों जानना बेहद जरूरी है. आमेर को कोका-कोला और रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों में काम करने का 25 साल का अनुभव है. उन्हें सप्लाई चेन का हेड बनाया गया है. उनका असली चैलेंज यह है कि कैसे ग्रोसरी और क्विक कॉमर्स की डिलीवरी को और भी तेज और सस्ता बनाया जाए. वे फ्लिपकार्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा करने और उसे स्मार्ट तरीके से चलाने पर फोकस करेंगे.
क्यों हो रही हैं ये हायरिंग?
फ्लिपकार्ट की सीएचआरओ सीमा नायर का कहना है कि कंपनी अपनी जड़ों को मजबूत कर रही है. कुछ समय पहले ही जेन ड्यूक को एथिक्स ऑफिसर बनाया गया था और अब ये दो नई भर्तियां हुई हैं. ये सब इसलिए हो रहा है ताकि कंपनी अपनी साख और काम करने के तरीके को दुनिया के सामने बेस्ट दिखा सके. कुल मिलाकर, फ्लिपकार्ट खुद को एक मैच्योर ग्लोबल प्लेयर के रूप में पेश कर रहा है ताकि आईपीओ के वक्त इन्वेस्टर्स का भरोसा जीत सके.
