EPFO New Rules 2026: EPFO ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर दी है. अब पीएफ (PF) और पेंशन की राशि को दूसरे देशों में भेजना पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएगा. इस नए कदम से न केवल समय बचेगा, बल्कि कागजी कार्यवाही का बोझ भी कम होगा. आइए जानते हैं कि इस बदलाव से क्या-क्या फायदे होने वाले हैं.
विदेश में भी तुरंत मिलेगा पीएफ का पैसा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने उन देशों के कर्मचारियों के लिए नियमों को लचीला बनाया है, जिनके साथ भारत का सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट (SSA) है. अब ये कर्मचारी अपनी इच्छा के अनुसार भारत, अपने मूल देश या किसी तीसरे देश के बैंक खाते में भी पैसा मंगवा सकते हैं. पहले इसके लिए बहुत ज्यादा दस्तावेज जमा करने पड़ते थे, जिसकी वजह से भुगतान में काफी महीने लग जाते थे.
कागजी झंझटों और पुराने फॉर्म से मिली मुक्ति
अक्सर Form 15CA और 15CB की जटिलताओं के कारण विदेशी ट्रांजैक्शन रुक जाते थे. अब ईपीएफओ ने इन बाधाओं को दूर करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है:
- बैंक खाते की पुष्टि के लिए अब सिर्फ पासबुक या बैंक स्टेटमेंट ही काफी होगा.
- दिल्ली के एक क्षेत्रीय कार्यालय को मुख्य केंद्र बनाया गया है, जो विशेष रूप से इन्हीं मामलों का निपटारा करेगा.
- टैक्स संबंधी पेचीदगियों को सुलझाने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की सेवाएं ली जाएंगी, ताकि डेटा का हर महीने सही मिलान हो सके.
कंपनियों और वर्कर दोनों को बड़ी राहत
इस नई नीति का सबसे सुखद पहलू यह है कि कर्मचारियों को अपना पैसा पाने के लिए बार-बार दफ्तर नहीं दौड़ना पड़ेगा. साथ ही, कंपनियों के लिए भी विदेशी स्टाफ का हिसाब-किताब रखना और फंड सेटल करना अब काफी आसान हो जाएगा.
पैसा निकालने की क्या है शर्त?
नियमों को आसान बनाने के बावजूद, ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि पैसा निकालने की बुनियादी शर्त में कोई बदलाव नहीं हुआ है. अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों को उनकी पीएफ और पेंशन की राशि तभी दी जाएगी, जब वे अपनी वर्तमान नौकरी छोड़ देंगे.
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