Elon Musk की SpaceX Starship लॉन्च के बाद नष्ट, आसमान में दिखे मलबे के टुकड़े
Elon Musk: स्पेसएक्स ने गुरुवार को अपनी स्टारशिप (Starship) रॉकेट की 7वीं परीक्षण उड़ान की शुरुआत की, लेकिन उड़ान के कुछ मिनटों बाद ही यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
By Abhishek Pandey | Updated at :
Elon Musk
Elon Musk: स्पेसएक्स ने गुरुवार को अपनी स्टारशिप (Starship) रॉकेट की 7वीं परीक्षण उड़ान की शुरुआत की, लेकिन उड़ान के कुछ मिनटों बाद ही यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया. टेक्सास में बोका चिका से उड़ान भरने के बाद मिशन के आठ मिनट बाद स्पेसएक्स ने स्टारशिप से संपर्क खो दिया. यह घटना तब हुई जब रॉकेट ने अपने सुपर हैवी फर्स्ट स्टेज बूस्टर से अंतरिक्ष में अलग होना शुरू किया.
SpaceX मिशन कंट्रोल का बयान
स्पेसएक्स के मिशन कंट्रोल के कम्युनिकेशंस मैनेजर डैन हुओट ने लाइव स्ट्रीम के दौरान बताया कि स्टारशिप से संचार टूटने का कारण ऊपरी चरण में हुई विसंगति थी. कुछ मिनटों बाद, हुओट ने पुष्टि की कि अंतरिक्ष यान पूरी तरह से नष्ट हो गया था.
मलबे का वीडियो और एलन मस्क की प्रतिक्रिया
इस दुर्घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें स्टारशिप के टुकड़े आसमान में गिरते हुए दिखाई दे रहे थे. स्पेसएक्स के CEO एलन मस्क ने इस वीडियो को साझा किया और मजाक में कहा कि “मनोरंजन की गारंटी है”.
बूस्टर का सफल पकड़ने का प्रयास
नुकसान से पहले, स्पेसएक्स ने बूस्टर को वापस पैड पर पकड़ने के लिए अपनी विशाल यांत्रिक भुजाओं का इस्तेमाल किया. बूस्टर को “चॉपस्टिक” नामक यांत्रिक भुजाओं के द्वारा पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह से सफल नहीं हो पाई.
Starship की परीक्षण उड़ान और उसके उद्देश्य
स्टारशिप की इस उड़ान में 10 डमी उपग्रह थे, जो स्पेसएक्स के स्टारलिंक इंटरनेट उपग्रहों जैसे थे. इस उड़ान का उद्देश्य विभिन्न परीक्षण करना था, जिसमें उपग्रहों को सुरक्षित रूप से छोड़ना और अंतरिक्ष यान के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना था.
SpaceX के भविष्य के मिशन और महत्व
स्टारशिप की यह उड़ान दुनिया के सबसे बड़े और सबसे शक्तिशाली रॉकेट के रूप में महत्वपूर्ण है. नासा ने इस रॉकेट को चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के लिए चुना है, और एलन मस्क का लक्ष्य इसे मंगल पर भी भेजना है.
ब्लू ओरिजिन का रॉकेट लॉन्च
स्पेसएक्स के इस परीक्षण के कुछ घंटे पहले, ब्लू ओरिजिन, जेफ बेजोस की रॉकेट कंपनी ने भी अपने सुपरसाइज्ड रॉकेट न्यू ग्लेन का सफल परीक्षण किया. हालांकि, न्यू ग्लेन का बूस्टर प्रथम चरण में नष्ट हो गया और लक्षित प्लेटफॉर्म पर लैंड नहीं कर पाया.
यह दुर्घटना स्पेसएक्स के लिए एक और कठिन चुनौती है, लेकिन कंपनी ने इस विफलता से भी सीखने की उम्मीद जताई है.
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।