सरकार ने बढ़ाया एक्सपोर्ट ड्यूटी! डीजल पर 14 रुपये और ATF पर 12.5 रुपये

Diesel ATF Export Duty Changes: सरकार ने डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया है, जिससे डीजल पर 14 रुपये और ATF पर 12.5 रुपये प्रति लीटर टैक्स लागू हो गया है.

Diesel ATF Export Duty Changes: केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल और हवाई ईंधन (ATF) के एक्सपोर्ट पर टैक्स (Export Duty) में बदलाव किया है. सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, अब डीजल के एक्सपोर्ट पर 14 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ (ATF) पर 12.5 रुपये प्रति लीटर का टैक्स लगेगा. पेट्रोल के एक्सपोर्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यह नई दरें मंगलवार से लागू हो गई हैं. ये टैक्स दरें हर 15 दिन में इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर तय की जाती हैं. 

क्या फ्यूल की भारी किल्लत होने वाली है?

पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नैचुरल गैस की कोई कमी नहीं है. रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चा तेल भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. सरकार का कहना है कि यह पूरा बदलाव केवल एक्सपोर्ट को नियंत्रित करने और घरेलू बाजार में फ्यूल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए किया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय संकट के समय देश में तेल की कमी न हो. 

डीजल लेने वालों के लिए क्या हैं नए नियम?

सरकार ने रिटेल पंपों (पेट्रोल पंपों) पर भीड़ को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. हाल ही में देखा गया कि करीब 42 करोड़ लीटर डीजल, जो पहले सीधे कंपनियों को मिलता था. अब लोग रिटेल पंपों से खरीदने लगे हैं. इससे आम ग्राहकों को पेट्रोल पंपों पर लाइन में लगना पड़ रहा था. इसे देखते हुए सरकार ने 11 जून को एक आदेश जारी किया है:

  • अब कोई भी व्यक्ति एक दिन में रिटेल पंप से 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं ले पाएगा. 
  • इंडस्ट्रियल और कमर्शियल (व्यावसायिक) कंज्यूमर्स को अब अपना डीजल सीधे अपने ‘कंज्यूमर पंपों’ से ही खरीदना होगा. 
  • यह नियम अगले 90 दिनों के लिए एक अस्थायी व्यवस्था के रूप में लागू किया गया है. 

आखिर सरकार ने ये सब क्यों किया?

सरकार का मुख्य मकसद आम जनता को होने वाली असुविधा से बचाना है. संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि रिटेल पंपों पर बेवजह की भीड़ को कम करना जरूरी था, ताकि आम आदमी को तेल लेने में परेशानी न हो. साथ ही, उन्होंने सभी नागरिकों और इंडस्ट्री से अपील की है कि वे ऊर्जा का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करें. फिलहाल जो भी निर्देश दिए गए हैं, वे पूरी तरह से अस्थायी हैं और इसका एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आपको पेट्रोल-डीजल के लिए कहीं भटकना न पड़े. 

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By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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