कितनी संपत्ति के मालिक हैं जोमाटो वाले दीपिंदर गोयल, अचानक दिया इस्तीफा

Deepinder Goyal Net Worth: दीपिंदर गोयल ने ईटरनल लिमिटेड के CEO पद से इस्तीफा दे दिया है. अब उनका ध्यान नए और जोखिम भरे प्रयोगों पर रहेगा. उनकी संपत्ति लगभग 1.6 बिलियन डॉलर है, जो मुख्य रूप से जोमाटो में उनके शेयरों से आती है. कंपनी अब अलबिंदर धिंडसा के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी.

Deepinder Goyal Net Worth: स्टार्टअप की दुनिया में जब भी दीपिंदर गोयल जैसे दिग्गज का नाम आता है, तो हर कोई ध्यान से सुनता है. लेकिन अब एक बड़ा झटका लगा है. ईटरनल लिमिटेड के सह-संस्थापक और CEO दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने इस कंपनी को अपनी मेहनत और जुनून से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, लेकिन अब वे एक नई चुनौती की ओर बढ़ रहे हैं. उनके जाने के बाद, ब्लिंकिट के सह-संस्थापक अलबिंदर धिंडसा ने बागडोर संभाल ली है और कंपनी के भविष्य के रास्ते में एक नया अध्याय शुरू होने वाला है. आइए जानते हैं कि दीपिंदर गोयल कितनी दौलत के मालिक हैं.

दीपिंदर गोयल की संपत्ति पर एक नजर (Deepinder Goyal Net Worth)

दीपिंदर गोयल की निजी दौलत की चर्चा भी उनके इस्तीफे के बाद तेज हो गई है. 21 जनवरी 2026 तक उनकी कुल संपत्ति करीब 1.6 बिलियन डॉलर (लगभग 13,300 करोड़ रुपये) आंकी गई है. उनकी ये संपत्ति मुख्य रूप से जोमाटो में उनके 4.18% शेयर से आती है, जिसे उन्होंने खुद मिलकर बनाया था. गोयल की संपत्ति ने जोमाटो के व्यवसाय में तेजी से विकास के साथ जबरदस्त उछाल लिया है. खासकर तब जब जोमाटो ने ब्लिंकिट के माध्यम से क्विक डिलीवरी सेवा का विस्तार किया.

2024 में उनकी संपत्ति लगभग 8,300 से 10,100 करोड़ रुपये के बीच थी. वर्ष के अंत तक शेयर बाजार में हुई तेजी ने उनकी दौलत को 10,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंचा दिया. जुलाई 2025 में फोर्ब्स ने उनकी संपत्ति को 1.9 बिलियन डॉलर तक आंका, जिसमें ब्लिंकिट की शानदार प्रदर्शन का बड़ा हाथ था. वहीं हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2024 में दीपिंदर गोयल गुरुग्राम के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में दर्ज हैं, जिनकी संपत्ति लगभग 9,300 करोड़ रुपये बताई गई है.

दीपिंदर गोयल ने इस्तीफा क्यों दिया?

दीपिंदर गोयल ने अपने शेयरहोल्डर्स को लिखे एक पत्र में साफ कहा है कि वे अब “जोखिम भरे और नए प्रयोग” करना चाहते हैं, जो कि एक सार्वजनिक कंपनी की सीमाओं में संभव नहीं हो पाते. उनका मानना है कि ऐसे नए और क्रांतिकारी विचार सार्वजनिक कंपनी से बाहर ही बेहतर तरीके से आगे बढ़ाए जा सकते हैं. इसी के चलते उन्होंने CEO पद से हटने का फैसला लिया है. अब कंपनी के नए CEO, ब्लिंकिट के सह-संस्थापक अलबिंदर धिंडसा के नेतृत्व में कंपनी अपने मुख्य कारोबार और विकास पर फोकस करेगी.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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