Crude Oil Prices Surge: मिडल ईस्ट में जारी तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. बुधवार को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 103 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गईं. इस उछाल की सबसे बड़ी वजह ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बकेर कलीबाफ का वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में स्थिति अब पहले जैसी सामान्य नहीं होगी. उनके इस बयान ने वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर डर पैदा कर दिया है.
क्यों लगी कच्चे तेल की कीमतों में आग?
सिर्फ 17 दिनों के भीतर कच्चे तेल के दाम में 41% से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी देखी गई है. 27 फरवरी को जो तेल 73 डॉलर पर मिल रहा था, वह अब 103.45 डॉलर तक पहुंच गया है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने इस संकट को जन्म दिया है. जब से संघर्ष शुरू हुआ है, तब से सप्लाई रूट बाधित होने की आशंका बनी हुई है, जिसका सीधा असर खासकर एशियाई बाजारों पर पड़ रहा है.
क्या अब हॉर्मुज का रास्ता सुरक्षित नहीं?
ईरान के नेता कलीबाफ ने सोशल मीडिया (X) पर साफ कहा कि यह समुद्री रास्ता अब युद्ध से पहले वाले हालात में नहीं लौटेगा. आपको बता दें कि ‘हॉर्मुज की जलसंधि’ दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है. यहां से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है. अगर यह रास्ता प्रभावित होता है, तो पूरी दुनिया में फ्यूल की भारी किल्लत हो सकती है.
यहां देखें ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बकेर कलीबाफ का ऑफिसियल बयान:
अचानक हालात इतने क्यों बिगड़े?
तनाव तब सबसे ज्यादा बढ़ा जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सीधा हमला किया. इस हमले में ईरान के बड़े नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर आई. इस घटना ने युद्ध की आग को और भड़का दिया है. अब बाजार में डर का माहौल है कि अगर यह लड़ाई और लंबी खिंची, तो महंगाई आम आदमी का बजट बिगाड़ देगी.
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