Coronavirus से नकदी संकटग्रस्त पाकिस्तान को 6.1 करोड़ डॉलर का हो सकता है नुकसान

Coronavirus की वजह से नकदी संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान को आर्थिक नुकसान होने का अनुमान जाहिर किया गया है. शनिवार को एशियन विकास बैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में आशंका जाहिर की है कि Coronavirus की महामारी की वजह से पाकिस्तान को करीब 6.1 करोड़ डॉलर का नुकसान झेलना पड़ सकता है.

इस्लामाबाद : नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस से 6.1 करोड़ डॉलर तक का नुकसान हो सकता है. एशियाई विकास बैंक ने कोरोना वायरस के प्रभाव के अपने आकलन में यह अनुमान जताया है. चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुए कोरोना वायरस का प्रसार 97 देशों तक हो चुका है. इससे संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख को पार कर चुकी है, जबकि इससे मरने वालों की संख्या 3,300 के पार पहुंच चुकी है. पाकिस्तान में कोरोना वायरस के छह मामले सामने आये हैं. यह सभी ईरान की यात्रा से लौटे हैं. इनमें से तीन मामले कराची और तीन गिलगित-बाल्टिस्तान के हैं.

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की शुक्रवार की खबर के अनुसार, एशियाई विकास बैंक का अनुमान है कि कोरोना वायरस से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को 6.08 करोड़ डॉलर तक का नुकसान हो सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य स्थिति में इस बीमारी से पाकिस्तान को 3.42 करोड़ डॉलर तक जबकि बहुत बुरी स्थिति में 6.08 करोड़ डॉलर तक का नुकसान झेलना पड़ सकता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुत बुरी स्थिति में पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को 1.57 फीसदी का नुकसान होगा और 9,46,000 लोगों का रोजगार चला जाएगा. इस रिपोर्ट में कोरोना वायरस से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान का भी आकलन किया गया है. इसके मुताबिक, सामान्य स्थिति में कोरोना वायरस के वैश्विक जीडीपी को 77 अरब डॉलर जबकि बहुत बुरी स्थिति में 347 अरब डॉलर का नुकसान होगा. सबसे अधिक प्रभाव चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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