बजट से ठीक पहले तांबे में भारी गिरावट, ₹126 प्रति किलो गिरे दाम, जानें क्या है वजह?

Copper Price: बजट 2026 से ठीक पहले कमोडिटी मार्केट में हलचल है. सोने-चांदी की राह पर चलते हुए तांबा भी एक झटके में ₹126 सस्ता होकर ₹1284 पर आ गया है. मुनाफावसूली और बजट की अनिश्चितता के बीच आई यह गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का बड़ा मौका साबित हो सकती है.

Copper Price: 1 फरवरी को पेश होने वाले देश के बजट से ठीक पहले कमोडिटी मार्केट में बड़ी उठापटक देखने को मिल रही है. जहां एक तरफ निवेशकों की नजरें वित्त मंत्री के बजट पिटारे पर टिकी हैं, वहीं दूसरी तरफ तांबे (Copper) की कीमतों में आई भारी गिरावट ने सबको चौंका दिया है. सोने और चांदी की कीमतों में मंदी के बाद अब तांबे की चमक भी फीकी पड़ गई है, जिससे निवेशकों के बीच हलचल तेज हो गई है.

तांबे की कीमतों में लगी सेंध

साल 2026 की शुरुआत से ही तांबा इंवेस्टर्स को मालामाल कर रहा था, लेकिन शुक्रवार 30 जनवरी 2026 को इसमें क्रैश जैसी स्थिति बन गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर तांबे की कीमतें जो कुछ समय पहले 1411 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर थीं, वे अब लुढ़ककर 1284.50 रुपए पर आ गई हैं. इसका मतलब है कि तांबा एक ही झटके में 126.5 रुपए प्रति किलो सस्ता हो गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में भी तांबे का भाव $6.21 से गिरकर $5.96 प्रति औंस पर आ गया है.

क्यों आई बाजार में यह गिरावट?

इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण प्रॉफिट बुकिंग को माना जा रहा है. दरअसल, गुरुवार को तांबा अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद बड़े निवेशकों ने अपना मुनाफा सुरक्षित करने के लिए भारी बिकवाली शुरू कर दी. इसके अलावा, सोने-चांदी की कीमतों में आ रही लगातार गिरावट ने भी तांबे जैसे औद्योगिक धातुओं पर दबाव बनाया है.

Budget 2026 और तांबे का कनेक्शन

कल पेश होने वाले बजट में सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी (जैसे सोलर और EV) पर बड़ा ऐलान कर सकती है. तांबे का सबसे ज्यादा इस्तेमाल इन्हीं सेक्टर्स में होता है. जानकारों का मानना है कि अगर बजट में इन क्षेत्रों के लिए बड़े फंड की घोषणा होती है, तो तांबे की डिमांड फिर से बढ़ जाएगी. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट महज अस्थायी है और बजट के बाद कीमतों में दोबारा उछाल देखने को मिल सकता है.

इंवेस्टर्स के लिए क्या है मौका?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तांबे के उत्पादन में कमी और इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक में इसके बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए भविष्य में इसकी कीमतें फिर बढ़ेंगी. ऐसे में, बजट से ठीक पहले आई यह गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का एक सुनहरा मौका साबित हो सकती है. जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए तांबे का यह सस्ता रेट किसी सेल से कम नहीं है.

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लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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