Cheapest Car Loan in India: नई कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं? तो लोन की फाइल साइन करने से पहले यह खबर आपके बहुत काम की है. भारतीय ऑटो लोन मार्केट में इस समय बैंकों के बीच मुकाबला काफी बढ़ गया है. त्योहारों के सीजन और गाड़ियों की बढ़ती डिमांड को देखते हुए कई बैंकों ने ब्याज दरों (Interest Rates) में कटौती शुरू कर दी है. पैसाबाजार (Paisabazaar) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस समय सरकारी (Public Sector) बैंक प्राइवेट बैंकों के मुकाबले सबसे सस्ता कार लोन दे रहे हैं.
अगर आप 5 लाख रुपये का कार लोन 5 साल (60 महीने) के लिए लेते हैं, तो सबसे सस्ते और सबसे महंगे बैंक की EMI के बीच हर महीने करीब 1,650 रुपये का बड़ा अंतर आ रहा है. पूरे 5 साल के कार्यकाल में यह अंतर लगभग 1 लाख रुपये बैठता है. जहां सबसे कम ब्याज दर पर आपकी EMI 10,000 रुपये से भी नीचे आ सकती है, वहीं सबसे महंगी दर पर यही EMI 11,600 रुपये के पार पहुंच रही है.
सबसे सस्ता लोन कहां मिल रहा है?
आंकड़ों के अनुसार, UCO बैंक इस समय मार्केट में सबसे कम 7.35% की शुरुआती ब्याज दर पर लोन दे रहा है. यहां 5 लाख के लोन पर हर महीने की EMI करीब 9,983 रुपये आएगी. इसके अलावा केनरा बैंक (7.45%), बैंक ऑफ महाराष्ट्र (7.45%) और इंडियन बैंक (7.50%) भी बहुत कम ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं, जिससे आपकी मासिक EMI 10,000 रुपये के आसपास ही रुक जाती है.
महंगे लोन का आपकी जेब पर क्या असर होगा?
दूसरी तरफ, पंजाब एंड सिंध बैंक की ऊपरी ब्याज दर 14% तक जा रही है, जिससे 5 लाख के लोन पर EMI बढ़कर 11,634 रुपये हो जाती है. बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक जैसे बैंकों में भी ऊपरी ब्याज दर क्रमशः 12.55% और 12.00% तक है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपकी कमाई कम है या आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL) खराब है, तो आपको उसी 5 लाख की कार के लिए हर महीने भारी EMI चुकानी पड़ेगी.
सरकारी और प्राइवेट बैंकों में कौन है बेहतर?
आमतौर पर लोग तेज सर्विस के लिए प्राइवेट बैंकों का रुख करते हैं, लेकिन आंकड़े कुछ और कहानी कह रहे हैं. देश के बड़े प्राइवेट बैंक जैसे HDFC बैंक (शुरुआती दर 8.15%), ICICI बैंक (8.35%) और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (8.99%) से लोन की शुरुआत कर रहे हैं. हालांकि प्राइवेट बैंक डीलर नेटवर्क और झटपट डिजिटल अप्रूवल के मामले में आगे हैं, लेकिन शुद्ध ब्याज लागत के मामले में सरकारी बैंक ग्राहकों के लिए ज्यादा किफायती साबित हो रहे हैं.
प्रोसेसिंग फीस का क्या खेल है?
लोन लेते समय सिर्फ ब्याज दर ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग फीस देखना भी जरूरी है. इंडियन ओवरसीज बैंक इस समय शून्य (NIL) प्रोसेसिंग फीस ले रहा है, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा अधिकतम ₹2,000 फिक्स चार्ज कर रहा है. इसके उलट कुछ बैंक लोन अमाउंट का 1% से 2% तक वसूल रहे हैं, जो 5 लाख के लोन पर ₹5,000 से ₹10,000 का सीधा एक्स्ट्रा खर्च है. कई बैंक (जैसे बैंक ऑफ महाराष्ट्र) अपने मौजूदा होम लोन ग्राहकों को ब्याज में एक्स्ट्रा छूट भी दे रहे हैं. इसलिए कार बुक करने से पहले 3 से 4 बैंकों के ऑफर्स की तुलना जरूर करें.
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