iPhone On EMI: आज के दौर में आईफोन रखना सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि एक स्टेटस सिंबल बन गया है. कल तक जो फोन लग्जरी माना जाता था, आज वो आसान किश्तों (EMI) की बदौलत हर दूसरे हाथ में नजर आता है. लेकिन क्या 1.3 लाख रुपये का फोन किश्तों पर लेना वाकई एक समझदारी भरा फैसला है? आइये जानतें है.
क्या आपकी EMI आपकी कमाई को निगल रही है?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंशियल एक्सपर्ट अभिषेक कुमार (Sahaj Money के फाउंडर) के मुताबिक, हमें अपनी कर्ज और कमाई का अनुपात (Debt-to-Income Ratio) हमेशा चेक करना चाहिए. नियम सीधा है की आपकी कुल EMI आपकी मंथली इनकम के 30% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर आपकी किश्तें 40-50% तक पहुंच रही हैं, तो आप एक गंभीर डेब्ट ट्रैप (कर्ज के जाल) में फंस सकते हैं.
क्या आप वाकई 1.3 लाख का फोन अफोर्ड कर सकते हैं?
मान लीजिए आप 1,34,900 रुपये का आईफोन 12 महीने की नो कॉस्ट EMI पर लेते हैं. इसकी मासिक किश्त लगभग 11,242 रुपये बनेगी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह फोन उसी व्यक्ति के लिए कंफर्टेबल है जिसकी महीने की नेट इनकम 1 लाख रुपये से ज्यादा हो. अगर आपकी सैलरी कम है और आप फोन ले रहे हैं, तो आप अपनी भविष्य की बचत और निवेश के साथ समझौता कर रहे हैं.
खरीदने से पहले क्या है सैलरी और कैश वाला नियम?
अभिषेक कुमार दो बहुत आसान फॉर्मूले बताते हैं जो आपको फैसला लेने में मदद करेंगे:
- वन मंथ रूल: फोन की कुल कीमत आपकी एक महीने की नेट सैलरी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
- ट्वाइस ओवर रूल: कोई भी गैजेट तभी खरीदें जब आपके पास उसे दो बार नकद खरीदने के पैसे हों, और वो भी अपनी इमरजेंसी सेविंग्स को हाथ लगाए बिना.
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