Budget Session: आज का बजट सत्र युवाओं और अपना काम शुरू करने वालों के लिए काफी जोश भरा रहा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के आर्थिक हालातों और आने वाले मौकों पर खुलकर बात की है. उन्होंने साफ किया है कि सरकार अब सिर्फ नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले युवा तैयार करने पर फोकस कर रही है. आज की भागदौड़ भरी लाइफ में जहां हर कोई स्टार्टअप और साइड हसल की बातें करता है, वहां सरकार के ये आंकड़े काफी सुकून देने वाले हैं.
स्टार्टअप की दुनिया में हम कहां खड़े हैं?
अगर आप भी अपना स्टार्टअप शुरू करने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. राष्ट्रपति ने बताया कि आज भारत में करीब 2 लाख स्टार्टअप्स रजिस्टर्ड हो चुके हैं. ये सिर्फ कागजी नंबर नहीं हैं, बल्कि इनमें 20 लाख से ज्यादा लोग एक्टिवली काम कर रहे हैं. सबसे अच्छी बात तो यह है कि इनमें से लगभग 40 फीसदी स्टार्टअप्स ऐसे हैं जिनमें कम से कम एक डायरेक्टर महिला है. यह दिखाता है कि हमारी जनरेशन की लड़कियां अब केवल घर नहीं, बल्कि बड़ी कंपनियां भी चला रही हैं.
मुद्रा योजना से युवाओं को क्या मिला?
अक्सर बिजनेस शुरू करने के लिए पैसों की कमी सबसे बड़ा रोड़ा बनती है. इसी को ध्यान में रखते हुए मुद्रा योजना के जरिए अब तक लगभग 38 लाख करोड़ रुपए का फंड जारी किया जा चुका है. रोजगार और स्वरोजगार के लिए करीब 12 करोड़ लोन बांटे गए हैं. यानी अगर आपके पास आइडिया है, तो फंड की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. यह आंकड़ा बताता है कि छोटे शहरों के युवा भी अब रिस्क लेने से डर नहीं रहे हैं.
पीएम स्वनिधि योजना का असली इम्पैक्ट क्या है?
रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों के लिए पीएम स्वनिधि योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई है. इस स्कीम के तहत करीब 72 लाख लोगों को 16 लाख करोड़ रुपए की बड़ी मदद सीधे तौर पर मिली है. यह पैसा उन लोगों तक पहुंचा है जो जमीनी स्तर पर देश की इकोनॉमी का पहिया घुमाते हैं.
