Budget Session 2026: संसद का बजट सत्र शुरू हो चुका है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण ने भविष्य के भारत का खाका पेश कर दिया है. हालांकि, सदन में माहौल तब गरमा गया जब राष्ट्रपति ने ‘जी राम जी’ (VB-G RAM G) कानून का जिक्र किया, जिसे लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया.
राष्ट्रपति के अभिभाषण की 10 मुख्य बातें
- विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम: राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 10-11 सालों में देश की नींव बहुत मजबूत हुई है. साल 2026 से हम इस सदी के एक नए दौर में कदम रख रहे हैं और यह समय ‘विकसित भारत’ के सपने को सच करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
- ‘जी राम जी’ कानून पर रार: जैसे ही राष्ट्रपति ने VB-G RAM G कानून (जो मनरेगा की जगह लाया गया है) का जिक्र किया, विपक्ष ने “वापस लो” के नारे लगाने शुरू कर दिए. सरकार का कहना है कि यह कानून पास हो चुका है, जबकि विपक्ष इसे रद्द करने की मांग कर रहा है.
- लखपति दीदियों का कमाल: देश में अब 2 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं. यह आंकड़ा दिखाता है कि सरकारी योजनाओं के जरिए महिलाएं आर्थिक रूप से कितनी सशक्त हो रही हैं. साथ ही, ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ अभियान के तहत 7 करोड़ महिलाओं की सेहत की जांच की गई है.
- युवाओं के लिए AI और सेमीकंडक्टर ट्रेनिंग: भविष्य की तकनीक को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है.
- सोशल सिक्योरिटी का बढ़ता दायरा: 2014 तक सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल 25 करोड़ लोगों तक सीमित थीं, लेकिन अब इनका फायदा 95 करोड़ भारतीयों को मिल रहा है. इसमें दलित, पिछड़े और आदिवासी समुदायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
- स्टार्टअप और मुद्रा लोन से रोजगार: देश में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जिनमें 20 लाख से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं. खास बात यह है कि इनमें से 40% स्टार्टअप्स में डायरेक्टर महिला है. मुद्रा योजना के तहत भी करोड़ों लोगों को स्वरोजगार के लिए लोन दिए गए हैं.
- 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी: राष्ट्रपति ने खेलों के क्षेत्र में भारत की प्रगति की तारीफ की. उन्होंने बताया कि भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है और इसके लिए उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील की.
- आदिवासी गौरव और महापुरुषों को नमन: भगवान बिरसा मुंडा, सरदार पटेल और गुरु तेग बहादुर जी जैसे महापुरुषों की जयंतियों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी विरासत को याद करने से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है.
- नक्सलवाद पर लगाम: बस्तर और बीजापुर जैसे इलाकों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि माओवादियों के सरेंडर से वहां शांति लौट रही है. कई गांवों में दशकों बाद विकास और खुशहाली पहुंची है.
- भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ किया कि सरकार भ्रष्टाचार और बड़े घोटालों को रोकने में पूरी तरह सफल रही है और देश में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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