Budget 2026: केंद्र सरकार का कहना है कि आम बजट 2026-27 किसी अचानक बदलाव का नहीं, बल्कि लगातार चल रही नीतियों को आगे बढ़ाने वाला बजट है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नीतिगत स्थिरता पर जोर ही इस बजट की सबसे बड़ी आधारशिला रहा है. सरकार का फोकस लंबे समय तक एक ही दिशा में काम करते हुए देश को ‘विकसित भारत’ बनाने पर है.
बार-बार बदलाव नहीं, एक तय दिशा में काम
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि नीतियों में बार-बार बदलाव से बचना चाहिए. एक बार जब कोई नीति तय हो जाती है तो सरकार उसे लगातार लागू करती है. लोगों ने भी स्थिरता के भरोसे ही सरकार को तीसरी बार चुना है, जो इस सोच को मजबूत करता है. सीतारमण के अनुसार बजट को सिर्फ एक साल की आय-व्यय योजना के तौर पर नहीं देखना चाहिए. यह एक लंबी रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित देश बनाना और 2050 तक भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है. सरकार का मानना है कि आने वाले 25 साल भारत के लिए बेहद अहम हैं और इसी सोच के साथ नीतियां बनाई जा रही हैं.
पूंजीगत खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
इस बजट में बुनियादी ढांचे और पूंजीगत खर्च को प्राथमिकता दी गई है. सरकार का कहना है कि कोविड के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए निवेश से अच्छे नतीजे मिले हैं और इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है. सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स पर खर्च बढ़ाने से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों दोनों को गति मिलती है. वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्र द्वारा राज्यों को दिए गए 50 साल के ब्याज-मुक्त कर्ज का इस्तेमाल भी काफी असरदार रहा है. कई राज्यों ने इस फंड से बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए और यह दिखाया कि वे विकास योजनाओं को तेजी से लागू कर सकते हैं.
विकसित भारत की दिशा में लंबी तैयारी
सरकार का कहना है कि यह बजट सिर्फ मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं है, बल्कि आने वाले दशकों के लिए आर्थिक मजबूती, संस्थागत सुधार और विकास की नींव तैयार करने के लिए बनाया गया है. सीधे शब्दों में कहें तो बजट 2026-27 का मकसद एक स्थिर नीति, लगातार निवेश और लंबी सोच के जरिए भारत को अगले 20-25 वर्षों में मजबूत और विकसित अर्थव्यवस्था बनाना है.
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