Budget 2026 : प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है. यह ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% कम कीमत पर हाई क्वालिटी वाली जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराती है. परियोजना के तहत 30 जून 2025 तक कुल 16,912 जन औषधि केंद्र (जेएके) खोले जा चुके हैं. इसकी जानकारी पीआईबी की ओर से दी गई है. इस योजना में 2,110 दवाइयां और 315 सर्जिकल, मेडिकल कंज्यूमेबल और इक्विपमेंट शामिल हैं.
इस योजना में सभी मुख्य तरह की दवाइयां शामिल हैं, जैसे हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण, एलर्जी, पेट से जुड़ी दवाइयां और न्यूट्रास्युटिकल्स. लैब के लिए जरूरी कैमिकल और वैक्सीन छोड़कर, जरूरी जेनेरिक दवाइयों की सूची में मौजूद लगभग सभी दवाइयां यहां उपलब्ध हैं.
जेएके के लिए एक केंद्रीय गोदाम, चार क्षेत्रीय गोदाम हैं
जन औषधि केंद्र (जेएके) में दवाइयों की लगातार आपूर्ति और उपलब्धता बनाए रखने के लिए पूरी तरह आईटी-सक्षम सप्लाई चेन बनाई गई है. इसमें एक केंद्रीय गोदाम, चार क्षेत्रीय गोदाम और पूरे देश में 39 डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं. 400 जल्दी बिकने वाली दवाइयों की रेगुलर मॉनिटरिंग की जाती है ताकि ये हमेशा उपलब्ध रहें. इसके अलावा, 200 दवाइयों के लिए न्यूनतम स्टॉक तय किया गया है, जिसमें योजना की 100 सबसे ज्यादा बिकने वाली दवाइयां और मार्केट में 100 तेजी से बिकने वाली दवाइयां शामिल हैं.
सरकार ने क्यों शुरू की प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना?
सरकार ने लोगों को किफायती दामों पर अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां देने के लिए यह योजना शुरू की है. पिछले 11 सालों में इस योजना की वजह से नागरिकों को ब्रांडेड दवाओं की तुलना में करीब ₹38,000 करोड़ की बचत हुई है. इससे परिवारों को अपनी जेब से होने वाले स्वास्थ्य खर्च में बड़ी कमी आई है, जो 2014-15 में कुल स्वास्थ्य खर्च का 62.6% था, वह 2021-22 में घटकर 39.4% रह गया.
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मार्च 2027 तक 25,000 जन औषधि केंद्र खोलने का टारगेट
जन औषधि दवाइयों की पहुंच बढ़ाने और लोगों के खर्च को कम करने के लिए सरकार ने मार्च 2027 तक 25,000 जन औषधि केंद्र खोलने का टारगेट रखा है. इसके लिए सरकार ने फ्रेंचाइजी मॉडल अपनाया है, जिसमें ब्लॉकों और तहसीलों से कोई एंटरप्रेन्योर, एनजीओ, सोसायटी, ट्रस्ट, फर्म या प्राइवेट कंपनियां वेबसाइट (www.janaushadhi.gov.in) के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं.
| क्रम संख्या | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | 30.6.2025 तक खोले गए JAK की कुल संख्या |
|---|---|---|
| 1 | अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह | 9 |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 281 |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 35 |
| 4 | असम | 179 |
| 5 | बिहार | 900 |
| 6 | चंडीगढ़ | 14 |
| 7 | छत्तीसगढ़ | 316 |
| 8 | दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 40 |
| 9 | दिल्ली | 552 |
| 10 | गोवा | 22 |
| 11 | गुजरात | 812 |
| 12 | हरियाणा | 465 |
| 13 | हिमाचल प्रदेश | 75 |
| 14 | जम्मू और कश्मीर | 335 |
| 15 | झारखंड | 163 |
| 16 | कर्नाटक | 1,480 |
| 17 | केरल | 1,629 |
| 18 | लद्दाख | 2 |
| 19 | लक्षद्वीप | 1 |
| 20 | मध्य प्रदेश | 592 |
| 21 | महाराष्ट्र | 723 |
| 22 | मणिपुर | 61 |
| 23 | मेघालय | 26 |
| 24 | मिजोरम | 15 |
| 25 | नागालैंड | 22 |
| 26 | ओडिशा | 753 |
| 27 | पुदुचेरी | 33 |
| 28 | पंजाब | 520 |
| 29 | राजस्थान | 545 |
| 30 | सिक्किम | 12 |
| 31 | तमिलनाडु | 1,432 |
| 32 | तेलंगाना | 203 |
| 33 | त्रिपुरा | 31 |
| 34 | उत्तर प्रदेश | 3,550 |
| 35 | उत्तराखंड | 331 |
| 36 | पश्चिम बंगाल | 753 |
| कुल | 16,912 |
