Budget 2025: सिगरेट पीना महंगा हुआ या सस्ता? जानें, कितना लगता है टैक्स

Budget 2025: सिगरेट पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं, कीमतें स्थिर, जानें मौजूदा कर दरें.

Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025 को प्रस्तुत केंद्रीय बजट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर करों में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे इन उत्पादों पर कराधान स्थिर रहा.

सिगरेट पर वर्तमान कर संरचना

भारत में सिगरेट पर कराधान की संरचना निम्नलिखित है.

कर का प्रकारदर (%)
वस्तु एवं सेवा कर (GST)28%
क्षतिपूर्ति उपकर (लंबाई के आधार पर)5% – 36%
नोट: क्षतिपूर्ति उपकर सिगरेट की लंबाई के अनुसार अलग-अलग होता है.

कर दरों में अंतिम परिवर्तन

दिसंबर 2024 में, मंत्रियों के समूह (GoM) ने सिगरेट, तंबाकू और वातित पेय पदार्थों पर GST दर को मौजूदा 28% से बढ़ाकर 35% करने की सिफारिश की थी. हालांकि, 21 दिसंबर 2024 को हुई GST परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया. इसलिए वर्तमान में सिगरेट पर कर दरों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है.

सरकार का मानना है कि टैक्स बढ़ने से सिगरेट के दाम बढ़ेंगे, जिससे तंबाकू उत्पादों की खपत में कमी आएगी. इससे स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और लोग धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रेरित होंगे. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, धूम्रपान कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों का मुख्य कारण है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी तंबाकू पर कर बढ़ाने की सिफारिश करता है ताकि लोगों की सेहत में सुधार हो सके.

Also Read : Budget 2025: 120 शहरों को मिलेगा नया एयरपोर्ट, निर्मला सितारामण ने की घोषणा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >