किसानों क 5 लाख तक के लोन पर देना होगा कम ब्याज, जानें बजट 2025 में क्या है नया

Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट प्रस्तुत कर रही हैं. वित्त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है, जिसमें कृषि पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. हमारा ध्यान बुनियादी ढांचे के विकास पर है. हमारा उद्देश्य कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है. यहां जानें इस साल का बजट किसानों के लिए क्यों खास है.

Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट प्रस्तुत किया है. उन्होंने उल्लेख किया कि हम आर्थिक विकास की दिशा में अग्रसर हैं. यह बजट देश की आकांक्षाओं को दर्शाता है. सीतारमण लगातार आठवीं बार सदन में बजट पेश कर रही हैं, जिसमें उन्होंने पहले छह पूर्णकालिक और दो अंतरिम बजट प्रस्तुत किए हैं. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि हम विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के लिए सस्ते ऋण की घोषणा की है. निर्मला सीतारमण किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लोन लेने की लिमिट को बढ़ा दी है, यहां जानें विस्तार से

जानें कितना बढ़ा किसान क्रेडिट कार्ड का लिमिट

बजट में केसीसी के अंतर्गत किसानों के लिए क्रेडिट लिमिट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की संभावना पहले से ही जताई जा रही थी. किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है. इस घोषणा का विशेष रूप से छोटे और मझोले किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा, और इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण मांग में भी वृद्धि देखी जा सकती है, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा.

क्या है किसान क्रेडिट कार्ड

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एक वित्तीय उत्पाद है जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NABARD (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट) द्वारा किसानों को उनकी कृषि और संबंधित कार्यों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए लॉन्च किया गया है. इस कार्ड का उद्देश्य किसानों को सस्ते दरों पर ऋण उपलब्ध कराना और उनके कृषि कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन मुहैया कराना है.

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किसान क्रेडिट कार्ड के प्रमुख उद्देश्य:

  • कृषि ऋण उपलब्ध कराना: KCC किसानों को कृषि कार्यों के लिए तत्काल ऋण प्रदान करता है, जो उन्हें फसल की बुवाई, सिंचाई, उर्वरकों, बीजों, कीटनाशकों, और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है.
  • सस्ती ब्याज दरें: KCC पर सामान्यत: बैंकों की सामान्य ऋण दरों की तुलना में सस्ती ब्याज दरें लागू होती हैं, जिससे किसानों को कम खर्च पर वित्तीय सहायता मिलती है.
  • आसान पुनर्भुगतान विकल्प: ऋण की पुनर्भुगतान की प्रक्रिया सरल होती है, और किसानों को अपनी फसल की कटाई के बाद भुगतान करने की सुविधा मिलती है. आपातकालीन वित्तीय सहायता: इस कार्ड का उपयोग किसानों को आपातकालीन स्थितियों, जैसे प्राकृतिक आपदाओं या फसल की खराबी, के दौरान भी वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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