'खुशी है कि चुनाव के बाद वित्त मंत्री ने पढ़ा कांग्रेस का घोषणापत्र...', बजट के बहाने पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर कसा तंज

Budget: कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उसे निराशाजनक करार दिया है. उन्होंने कहा कि बजट से आम लोगों को कोई राहत नहीं मिली है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री को लोकसभा 2024 चुनाव के बाद कांग्रेस का घोषणा पत्र पढ़ने का मौका मिला.

Budget: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने केंद्रीय बजट को निराशाजनक करार दिया है. उन्होंने कहा कि बजट में महंगाई और बेरोजगारी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. आम लोगों को कोई राहत बजट से नहीं मिली है. सोशम मीडिया एक्स पर ट्वीट करते हुए पी चिदंबरम ने कहा है कि दो तरह की कर प्रणाली सही विचार नहीं है और इसे स्वीकार नहीं जा सकता. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार का पहला बजट बहुत निराशाजनक है. बेरोजगारी के मोर्चे पर सरकार ने कोई प्रभावशाली कदम नहीं उठाए हैं. चिदंबरम ने कहा कि वित्त मंत्री की ओर से घोषित योजनाओं से 2.90 करोड़ लोगों को लाभ होगा का दावा भी अत्यधिक अतिशयोक्तिपूर्ण है.

मुद्रास्फीति और महंगाई सबसे बड़ी चुनौती- पी चिदंबरम
बजट को लेकर पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुद्रास्फीति है इसके अलावा महंगाई सरकार के सामने दूसरी बड़ी चुनौती है. थोक मूल्य सूचकांक (WPI) मुद्रास्फीति 3.4 फीसदी, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति 5.1 फीसदी और खाद्य मुद्रास्फीति 9.4 फीसदी है. पी चिदंबरम ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण ने चंद वाक्यों में महंगाई के मुद्दे को खारिज कर दिया. और वित्त मंत्री ने अपने भाषण के पैरा तीन में इसे 10 शब्दों में खारिज कर दिया. पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि बजट भाषण कहीं भी यह विश्वास नहीं दिलाया कि सरकार मुद्रास्फीति के मुद्दे से गंभीरता से निपटेगी.

पी चिदंबरम ने कसा केंद्र सरकार पर तंज
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री को लोकसभा 2024 चुनाव के बाद कांग्रेस का घोषणापत्र पढ़ने का मौका मिला. उन्होंने रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन (ELI) योजना, प्रशिक्षु के लिए भत्ते के साथ प्रशिक्षुता योजना पर हमारे प्रस्तावों में अंतर्निहित विचारों को पूरी तरह बजट में शामिल किया है. उन्होंने कहा कि काश सरकार कांग्रेस घोषणापत्र से कई और विचार अपने होते. चिदंबरम ने कहा कि हम सरकार के लापरवाह रवैये की निंदा करते हैं. और बजट भाषण में कुछ भी हमें यह विश्वास नहीं दिलाता कि सरकार मुद्रास्फीति के मुद्दे से गंभीरता से निपटेगी.


गरीबों को नहीं मिली राहत
पी चिदंबरम ने कहा कि टैक्स जमा करने वाले नागरिकों को 0 से 20 फीसदी कर दायरे में लाकर उन्हें कुछ राहत दी गई है, लेकिन गरीबों को बजट से कोई राहत नहीं मिली है. सरकार पर कटाक्ष करते हुए चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने अग्निपथ योजना और किसानों की एमएसपी की मांग पर कोई जवाब नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी द्वारा समर्थित किया जाना चाहिए.

Also Read: वेतनभोगियों को लगा झटका या हुआ मुनाफा? नई कर व्यवस्था में 3 लाख से अधिक की आमदनी पर 5% टैक्स, देखें स्लैब

Budget 2024: बजट में क्या है खात, देखिये वीडियो

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >