Bitcoin Price: ग्लोबल मार्केट में तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को बिटकॉइन ने जोरदार वापसी की और फिर से 70,000 डॉलर के ऊपर पहुंच गया. टेक शेयरों और कीमती धातुओं में आई तेजी का असर क्रिप्टो मार्केट पर भी दिखा, जिससे कीमतों में उछाल आया. दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन करीब 11% चढ़कर 70,231 डॉलर तक पहुंच गया और एक समय 71,464 डॉलर के स्तर को भी छू लिया. इससे पहले यह गिरकर लगभग 60,017 डॉलर तक आ गया था, जो पिछले कई महीनों का निचला स्तर था. हालांकि साप्ताहिक आधार पर बिटकॉइन अभी भी करीब 8% नीचे है.
निवेशकों का भरोसा पूरी तरह लौटा नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी सिर्फ दबाव में रहे जोखिम वाले एसेट्स में अस्थायी सुधार हो सकता है. ऑप्शंस मार्केट के आंकड़े बताते हैं कि निवेशक अभी भी आगे गिरावट से बचाव के लिए पोजिशन ले रहे हैं. कई ट्रेडर्स 60,000 से 50,000 डॉलर के बीच बिटकॉइन जाने की आशंका पर दांव लगा रहे हैं, खासकर फरवरी के अंत तक. पिछले साल अक्टूबर में बड़ी गिरावट के बाद से डिजिटल करेंसी मार्केट लगातार संघर्ष कर रहा है. उस समय रिकॉर्ड स्तर से गिरने के बाद निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया.
एथेरियम में भी उछाल, पर साप्ताहिक गिरावट जारी
एथेरियम में भी करीब 12% की तेजी आई और यह लगभग 2,068 डॉलर तक पहुंच गया. इससे पहले यह 1,753 डॉलर के आसपास गिर गया था, जो करीब 10 महीनों का निचला स्तर था. फिर भी पूरे हफ्ते में यह 9% से ज्यादा नीचे है. CoinGecko के मुताबिक, अक्टूबर में करीब 4.3 ट्रिलियन डॉलर के पीक से अब तक ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर घट चुकी है. सिर्फ पिछले महीने में ही 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की वैल्यू खत्म हुई है.
टेक शेयर और गोल्ड-सिल्वर से जुड़ा असर
बिटकॉइन की चाल अब काफी हद तक टेक सेक्टर से जुड़ गई है. AI और चिप कंपनियों में तेजी आने पर क्रिप्टो भी ऊपर जाता दिखता है. शुक्रवार को टेक शेयरों के साथ-साथ गोल्ड और सिल्वर में भी रिकवरी आई, जिससे बाजार का मूड सुधरा. क्रिप्टो विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट पहले के बड़े बियर मार्केट जितनी गंभीर नहीं है. पिछले 10 सालों में लगभग हर 18 महीने में बिटकॉइन में 50% तक की गिरावट देखी गई है. जो निवेशक ज्यादा उधार लेकर या बिना रिस्क मैनेजमेंट के बाजार में आए थे, उन्हें इस उतार-चढ़ाव का ज्यादा असर झेलना पड़ रहा है.
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