भारत की ऑर्थोडॉक्स चाय के दाम गिरे, ईरान को भेजी चाय अटकी

Assam Orthodox Tea Export: ईरान-इजराइल संघर्ष ने भारत, विशेषकर असम की ऑर्थोडॉक्स चाय के निर्यात को बुरी तरह प्रभावित किया है. शिपमेंट और भुगतान में रुकावट के कारण चाय की कीमतें गिरी हैं. उद्योग विशेषज्ञ केंद्र सरकार से राहत और स्थिरता के लिए हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं.

Assam Orthodox Tea Export: ईरान-इजराइल के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष का सीधा असर भारत की ऑर्थोडॉक्स चाय के निर्यात पर पड़ा है. असम, जो भारत में ऑर्थोडॉक्स चाय का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. ईरान भारत से हर साल करीब 28 मिलियन किलो ऑर्थोडॉक्स चाय का आयात करता है, जिसमें से लगभग 24 मिलियन किलो चाय असम से आती है. चूंकि असम सालाना लगभग 85 मिलियन किलो ऑर्थोडॉक्स चाय का उत्पादन करता है, यह संकट राज्य की चाय निर्यात अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है.

क्या होती है ऑर्थोडॉक्स चाय?

ऑर्थोडॉक्स चाय उस पारंपरिक प्रक्रिया से तैयार की जाती है जिसमें चाय की पत्तियों को हाथों से तोड़कर विथरिंग, रोलिंग, ऑक्सिडेशन और ड्राइंग की प्रक्रिया से गुजारा जाता है. यह चाय गुणवत्ता में बेहतर मानी जाती है और इसकी वैश्विक मांग अधिक होती है.

शिपमेंट और पेमेंट में अड़चन

चाय निर्यातकों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से शिपमेंट और भुगतान की प्रक्रिया में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हुई हैं. इसके चलते चाय की नीलामी में कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. असम के चाय उत्पादकों और फैक्ट्रियों के लिए यह स्थिति गहरी चिंता का विषय बन गई है.

श्रीलंका पर असर क्यों नहीं?

विशेषज्ञों को हैरानी है कि ईरान को चाय निर्यात करने वाला दूसरा बड़ा देश श्रीलंका इस संकट से ज्यादा प्रभावित नहीं दिख रहा. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि या तो श्रीलंकाई निर्यातक इस संकट का अनुचित लाभ नहीं उठा रहे. या श्रीलंकाई सरकार ने निर्यातकों की मदद के लिए नीतिगत हस्तक्षेप किया है. भारत में कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय निर्यातक कुछ हद तक स्थिति का फायदा उठा रहे हैं, जिससे बाजार में कीमतें और गिर रही हैं.

असम की अपील: केंद्र सरकार करे हस्तक्षेप

भारत के पूर्व टी बोर्ड अध्यक्ष और टोकलाई टी रिसर्च संस्थान के सदस्य प्रभात बेजबरुआ ने कहा, “ईरान भारत की ऑर्थोडॉक्स चाय का एक बड़ा बाजार है. शिपमेंट और पेमेंट दोनों में रुकावट आई है, जिससे कीमतें गिर रही हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि यह एक अस्थायी स्थिति है, और जैसे ही युद्ध समाप्त होगा, निर्यात सामान्य हो जाएगा और भुगतान प्रक्रिया भी बहाल हो सकती है. इस बीच, चाय इंडस्ट्री के संगठनों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इस संकट में चाय उद्योग को तत्काल राहत दे और नीतिगत समर्थन प्रदान करे.

भारत के लिए ऑर्थोडॉक्स चाय का महत्व

भारत कुल 120+ मिलियन किलो ऑर्थोडॉक्स चाय का उत्पादन करता है, जिसमें असम, दार्जिलिंग और नीलगिरी प्रमुख हैं. ईरान, रूस, UAE और यूरोपीय देश इस चाय के प्रमुख आयातक हैं. निर्यात में गिरावट से छोटे चाय उत्पादकों, बागान श्रमिकों और चाय फैक्ट्रियों की आय प्रभावित हो रही है.

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Published by: Abhishek pandey

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