गौतम अडाणी पर कार्रवाई शुरू : पड़ताल में जुटे आरबीआई, सेबी और मोदी सरकार, संसद में हंगामा

हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अडाणी ग्रुप पर बाजार विनियामक सेबी ने पड़ताल शुरू कर दी है. खबर यह भी है कि अडाणी ग्रुप के मामले में केंद्र की मोदी सरकार लगातार बाजार विनियामक सेबी के संपर्क में है. उधर, खबर यह भी है कि आरबीआई ने भी देश के बैंकों से अडाणी ग्रुप को दिए गए कर्ज की जानकारी मांगी है.

नई दिल्ली : अडाणी ग्रुप के खिलाफ अमेरिकी वित्तीय शोध कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा रिपोर्ट पेश किए जाने का मामला अब व्यापक और गंभीर होता जा रहा है. बुधवार को अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी को अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के एफपीओ को (अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम) को वापस लेने का ऐलान करना पड़ा. वहीं, अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में गिरावट पिछले छह दिनों से लगातार जारी है. गुरुवार की सुबह बाजार खुलने के साथ ही अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में करीब 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसके साथ ही, अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों के टूटने से बाजार में हाहाकार मचा हुआ है. अब खबर यह है कि शॉट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को लेकर अडाणी ग्रुप पर कार्रवाई शुरू हो गई है.

आरबीआई ने बैंकों से मांगा लोन डिटेल

सूत्रों के हवाले से मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अडाणी ग्रुप पर बाजार विनियामक सेबी ने पड़ताल शुरू कर दी है. खबर यह भी है कि अडाणी ग्रुप के मामले में केंद्र की मोदी सरकार लगातार बाजार विनियामक सेबी के संपर्क में है. उधर, खबर यह भी है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी देश के बैंकों से अडाणी ग्रुप को दिए गए कर्ज की जानकारी मांगी है. इसके अलावा, अडाणी मामले को लेकर संसद में भी विपक्ष का हंगामा जारी है.


जेपीसी या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच

उधर, राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को अडाणी एंटरप्राइजेज मामले पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा की मांग की और यह आग्रह भी किया है कि इस प्रकरण की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित की जाए या फिर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इसकी जांच हो. लोकसभा और राज्यसभा की बैठक के स्थगित होने के बाद खरगे ने कहा कि हम यह कहना चाहते हैं कि सरकार क्यों दबाव बनाकर ऐसी कंपनियों को कर्ज दिलवा रही है? लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए एलआईसी और एसबीआई के निवेश पर हम चर्चा की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जांच होने पर रोजाना रिपोर्ट जनता के समक्ष रखी जाए ताकि पारदर्शिता रहे और लोगों को विश्वास रहे कि उनका पैसा बचा है.

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अडाणी एंटरप्राइजेज का एफपीओ वापस

इससे पहले, एफपीओ वापस की घोषणा करते हुए अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के अध्यक्ष गौतम अडाणी ने बुधवार को कहा था कि पिछले हफ्ते कंपनी के शेयर में काफी उतार चढ़ाव के बावजूद एफपीओ मंगलवार को सफलतापूर्वक बंद हुआ. कंपनी और उसके कारोबार के प्रति आपका भरोसा हमारा विश्वास बढ़ाने वाला है, जिसके लिए हम आपके आभारी हैं. अडाणी ने कहा कि आज कंपनी के शेयर में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव रहा. उन्होंने कहा कि असाधारण परिस्थितियों के मद्देनजर कंपनी के निदेशक मंडल ने फैसला किया है कि एफपीओ पर आगे बढ़ना नैतिक रूप से ठीक नहीं होगा.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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