नयी दिल्ली : नोटबंदी के बाद बैंकों में 1000 और 500 के पुराने नोट जमा करवाने का आज आखिरी दिन है हालांकि 31 दिसंबर से पुराने नोट सिर्फ रिजर्व बैंक के काउंटरों पर जमा होंगे लेकिन आपको बैन नोट जमा करवाने के पहले यहां इसका कारण बताना होगा. उल्लेखनीय है कि सरकार ने पुराने नोटों को लेकर जिस अध्यादेश को मंजूरी दी है उसके मुताबिक 31 मार्च के बाद पुराने नोट मिलने पर जुर्माना भी लगेगा. वैसे तो नोटबंदी के बाद कई घटनाक्रम हुए लेकिन आइए नजर डालते हैं कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर….
कैश के लिए नियम-कायदे
8 नवंबर : बैन किये पुराने नोट को बदलने की सीमा 4000 रुपये तय की.
13 नवंबर : नोट बदलने की लिमिट को बढ़ाकर 4500 रुपये किया गया.
17 नवंबर : नोट बदलने की सीमा को घटाकर 2000 कर दिया गया.
24 नवंबर : पुराने नोट को बदलने पर सरकार ने रोक लगा दी.
अमान्य पुराने नोट
8 नवंबर: पुराने नोट को सरकारी अस्पताल, एलपीजी खरीद, पेट्रोल पंप, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन पर इस्तेमाल करने की छूट.
9 नवंबर: पुराने नोट मेट्रो स्टेशन, टोल प्लाजा, दवा की दुकानों पर चलेंगे.
10 नवंबर: पुराने नोटों से सरकारी स्कूलों और यूनिवर्सिटी की फीस, बिजली बिल, पानी का बिल और टैक्स भरे जा सकते हैं.
14 नवंबर: छूट 24 नवंबर तक के लिए
24 नवंबर: 1000 रुपये के नोट पूरी तरह से बंद कर दिये गये.
कैश निकालने पर
पहले एटीएम कार्ड से 2000 रुपये व बैंक से एक हफ्ते में 20 हजार रुपये और एक दिन में 10 हजार रुपये निकालने की छूट दी गयी. फिर एटीएम से कैश की सीमा 2500 रुपये और बैंक से निकासी सीमा 24 हजार कर दिया.
बैंक में पैसे जमा
8 नवंबर : सरकार ने कहा कि बिना किसी हड़बड़ी के 30 दिसंबर तक पैसे जमा करायें.
19 दिसंबर: सरकार ने अपने नये फैसले में कहा कि सारे पैसे एक बार में जमा करने होंगे और अब तक क्यों नहीं जमा कराया यह बैंक को बताना होगा. सरकार ने यू-टर्न लेते हुए फैसले को बदल दिया और कहा कि बैंक में पैसा जमा कराने वक्त कुछ नहीं पूछा जायेगा.
पुराने नोट डिपोजिट : आरबीआइ ने लोगों को अपने पुराने नोट बैंकों में जमा कराने को लेकर 30 दिसंबर तक का समय दिया था. 19 दिसंबर को पुराने नोट जमा कराने को लेकर 30 दिसंबर तक एक ही बार बैंक में जमा किये जा सकेंगे.
एक्सचेंज : शुरुआत में एक व्यक्ति द्वारा 4500 रुपये के पुराने नोट एक दिन में बदले जा सकते थे. बाद में सरकार ने नियम बनाये कि आप केवल एक ही बार नोट बदल सकते हैं. बैंकों ने नोट बदलने वालों की अंगुलियों पर स्याही लगाना शुरू कर दिया.
शादी के लिए : सरकार ने कहा कि शादी के लिए बैंक से 2.5 लाख रुपये निकाले जा सकते हैं.
कैशलेस ट्रांजेक्शन कदम बढ़े
डिजिधन अभियान के तहत एक करोड़ से अधिक ग्रामीण नागरिकों ने पंजीकरण कराया है. यह पंजीकरण डिजिटल वित्तीय साक्षरता अभियान की शुरुआती 20 दिन के भीतर हुआ है. यह अभियान 476 जिलों और 2,782 ब्लॉक में फैला है.
आठ नवंबर से 26 दिसंबर के बीच रूपे कार्ड के जरिये लेन-देन 445% बढ़ा. प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों के जरिये भुगतान 95% बढ़ा.
8 नवंबर को यूपीआइ से 3,721 लेनदेन हुए थे, लेकिन 7 दिसंबर को इसके जरिये 48,238 लेनदेन किये गये. एक महीने के अंदर लेनदेन में 1,196 फीसदी का इजाफा हुआ.
जांच के दायरे में सात लाख करोड़
60 लाख व्यक्तियों व कंपनियों ने लगभग सात लाख करोड रुपये बैंकों में जमा कराये. इनमें से 3-4 लाख करोड़ व्यक्तियों के हैं, बाकी कंपनियों के. उनसे पूछताछ होगी कि यह धन कहां से आया. वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि बैंकों में रकम जमा करा देने भर से काला धन सफेद नहीं हो जाता. इस पर देनदारी देनी होगी. साथ ही स्रोत बताना होगा.
कम हुई कतार किल्लत बरकरार
11 दिसंबर को एटीएम के बाहर हर जगह लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं. एकाध घंटे में ही एटीएम खाली हो गये. तब तक एटीएम में नये नोट डालने की व्यवस्था नहीं की गयी थी.
30 नवंबर के बाद हालात थोड़े सामान्य हुए. बैंकों में भी नोट बदलवाने को लेकर हंगामा तोड़फोड़ और कई जगह िहंसा भी हुई.
विपक्ष का आरोप है कि, एटीएम और बैंकों के बाहर लाइन में लगे करीब सौ से ज्यादा लोगांंे की मौत देश भर में हुई.
अब जाकर हालात थोड़े सामान्य हुए पर, ग्रामीण इलाकों में अब भी कैश की िकल्लत बनी हुई है. बैंकों से सप्ताह में 24 हजार निकासी के निर्देश का पालन नहीं.
