दूसरी छमाही में सुधरेगी ऋण की मांग : एसबीआई

मुंबई : देश के सबसे बडे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की आर्थिक शोध इकाई ने ऋण वृद्धि की सुस्त रफ्तार पर चिंता जताई है. हालांकि, उसने कहा है कि पुन:वित्तपोषण के अवसरों तथा सितंबर के बाद दूरसंचार कंपनियों द्वारा स्पेक्ट्रम के भुगतान से ऋणकी मांग में सुधार होगा. एसबीआई की आर्थिक शोध इकाई ने एक […]

मुंबई : देश के सबसे बडे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की आर्थिक शोध इकाई ने ऋण वृद्धि की सुस्त रफ्तार पर चिंता जताई है. हालांकि, उसने कहा है कि पुन:वित्तपोषण के अवसरों तथा सितंबर के बाद दूरसंचार कंपनियों द्वारा स्पेक्ट्रम के भुगतान से ऋणकी मांग में सुधार होगा. एसबीआई की आर्थिक शोध इकाई ने एक नोट में कहा, ‘‘चिंता की बात यह है कि ऋण की वृद्धि की रफ्तार सुस्त है.

हालांकि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में इसमें कुछ सुधार की उम्मीद है.” नोट में कहा गया है कि यह सुस्ती मुख्य रुप से परियोजनाओं के ठहरे रहने से है. बिजली और सडक जैसे क्षेत्रों में पूर्ण हो चुकी बुनियादी ढांचा परियोजनाआंे के लिए कम जोखिम के पुन:वित्तपोषण के कर्ज से ऋणकी वृद्धि में सुधार होगा। नोट में अनुमान लगाया गया है कि उद्योग की ऋणकी वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 13 से 14 प्रतिशत रहेगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि स्पेक्ट्रम की नीलामी सितंबर में होनी है. इससे भी बैंकों को ऋणके विस्तार में कुछ मदद मिलेगी. भाषा अजय

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