जीएसटी पर बढ़ी मोदी सरकार की उम्मीदें, जेटली ने कहा तमिलनाडु छोड़ सभी राजी
कोलकाता : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली एक बार फिर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स ( जीएसटी) पर सभी राज्यों के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं. सरकार कोशिश कर रही है कि इस बार मानसून सत्र में जीएसटी पर एक राय बनाकर इसे पास कर दिया जाए. कोलकाता मेंराज्यों केवित्त मंत्रियों की इस मुद्दे पर […]
कोलकाता : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली एक बार फिर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स ( जीएसटी) पर सभी राज्यों के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं. सरकार कोशिश कर रही है कि इस बार मानसून सत्र में जीएसटी पर एक राय बनाकर इसे पास कर दिया जाए. कोलकाता मेंराज्यों केवित्त मंत्रियों की इस मुद्दे पर केंद्रीय वित्तमंत्री के साथ आज बैठक हुई है. इस बैठक में सबने मिलकर जीएसटी पर चर्चा की.
जेटली ने कहा है कि सभी राज्यों ने एक तरह से जीएसटी का समर्थन किया, केवल तमिलनाडु ने कुछ आपत्तियां उठाई हैं. उन्होंने कहा कि दोहरे नियंत्रण व राजस्व निरपेक्ष दर के मुद्दे पर फैसला अधिकारसंपन्न समिति करेगी. जीएसटी दर पर संवैधानिक सीमा नहीं लगाने को लेकर पूरी तरह सहमति है, क्योंकि भविष्य में दरों में संशोधन की जरूरत पड़ सकती है.
इस बिल में कई सुधार के लिए भी राज्यों ने अपने तर्क दिये हैं जिस पर सरकार विचार कर रही है. दो दिनों तक जीएसटी पर मंथन चलेगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "अब तक सभी राज्यों ने जीएसटी के बारे में विस्तृत रूप से अपने विचार रखे हैं. तकरीबन हर राज्य ने जीएसटी का समर्थन किया है."
जीएसटी पर राज्यों की तरफ से आ रहे सुझावों पर जेटली ने कहा, पहले तीन साल में एक फीसदी अतिरिक्त टैक्स का सवाल है, इस मुद्दे पर सरकार लचीला रुख अपनाने को तैयार है." जीएसटी पास कराने के लिए केंद्र सरकार कब से कोशिश कर रही है लेकिन किसी ने किसी कारण से बिल अटक जाता है.
सरकार इस बिल को लाने से पहले इसके विरोधों को खत्म करना चाहती है. राज्य और केंद्र के बीच कई मुद्दों को लेकर विवाद है. सरकार इस बैठक के जरिये पहले उन विरोधों को खत्म करना चाहती है. कई राज्य जीएसटी के पक्ष में है तो कई राज्य इस बिल के बाद अपने राज्यों को होने वाले नुकसान को लेकर चिंतित है.