7th pay commission : डीआरडीओ में साइंटिस्ट बनने का सुनहरा अवसर, जानिए कितनी मिलेगी सैलरी

7th pay commission : देश में जो वैज्ञानिक बनने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए खुशखबरी है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) हर साल ग्रुप 'ए' (राजपत्रित) तकनीकी सेवा में वैज्ञानिकों को नियुक्त करता है. इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट सर्विस (डीआरडीएस) के रूप में भी जाना जाता है. उसने पूरे देश भर में 50 से अधिक जगहों पर स्थित अपनी प्रयोगशालाओं और प्रतिष्ठानों प्रौद्योगिकियों के व्यापक स्पेक्ट्रम में कैरियर के अवसर प्रदान की है. इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है.

7th pay commission : देश में जो वैज्ञानिक बनने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए खुशखबरी है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) हर साल ग्रुप ‘ए’ (राजपत्रित) तकनीकी सेवा में वैज्ञानिकों को नियुक्त करता है. इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट सर्विस (डीआरडीएस) के रूप में भी जाना जाता है. उसने पूरे देश भर में 50 से अधिक जगहों पर स्थित अपनी प्रयोगशालाओं और प्रतिष्ठानों प्रौद्योगिकियों के व्यापक स्पेक्ट्रम में कैरियर के अवसर प्रदान की है. इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है.

आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आरएसी 311 (DRDO-293, ADA-18) साइंटिस्ट ‘B’ के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि चयनित उम्मीदवारों को 7 वें वेतन आयोग के आधार पर सैलरी का भुगतान किया जाएगा और वे उन्हें अन्य सुविधाएं भी प्रदान करेंगे, जैसे कि छुट्टी यात्रा रियायत, चिकित्सा सुविधाएं, पीसी/ हाउस बिल्डिंग के लिए अग्रिम राशि आदि.

7वें वेतन आयोग के आधार पर ये है पे स्केल

  • साइंटिस्ट ‘B’ -लेवल 10- Rs 56,100/-

  • साइंटिस्ट ‘C’ -लेवल 11 – Rs 67,700/-

  • साइंटिस्ट ‘D’ – लेवल 12 – Rs 78,800/-

  • साइंटिस्ट ‘E’ – लेवल 13 – Rs 1,23,100/-

  • साइंटिस्ट ‘F’ – लेवल 13A – Rs 1,31,100/-

  • साइंटिस्ट ‘G’ – लेवल 14 – Rs 1,44,200/-

  • साइंटिस्ट ‘H’ (आउटस्टैंडिंग साइंटिस्ट) – लेवल 15 – Rs 1,82,200/-

  • डिस्टिंग्विस्ड साइंटिस्ट (डीएस) – लेवल 16 – Rs 2,05,400/-

  • सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग और अध्यक्ष, डीआरडीओ – लेवल 17- Rs 2,25,000/-

बता दें कि डीआरडीओ देश की रक्षा के लिए विभिन्न आवश्यक प्रणालियों, उप-प्रणालियों, उपकरणों और उत्पादों के वैज्ञानिक अनुसंधान, डिजाइन, विकास, परीक्षण और मूल्यांकन के कार्यक्रमों का निर्माण और क्रियान्वयन करता है. डीआरडीओ उच्च योग्य और सक्षम वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों को नियुक्त करता है, जो रक्षा अनुसंधान और विकास सेवा (डीआरडीएस) के रूप में जानी जाने वाली समूह ‘ए’ (क्लास-I राजपत्रित) सेवा का गठन करते हैं.

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Posted By : Vishwat Sen

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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