पेरिस : फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद ने आज देश के कारोबारी माडल को पुनर्परिभाषित करने का संकल्प जताते हुए उनके ही शब्दों में ‘राष्ट्रीय आर्थिक व सामाजिक आपातकाल’ की घोषणा की. ओलोंद ने रोजगार क्षेत्र में नयी जान फूंकने के लिए 2.2 अरब डालर की योजना सामने रखी ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ कदम से कदम मिला कर आगे बढा जा सके. हालांकि राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तावित कदम ‘अपेक्षाकृत नरम’ ही हैं और उन्होंने कहा कि इससे 35 घंटे के कामकाजी सप्ताह पर ‘सवाल नहीं उठेंगे.’
ओलोंद ने उद्योगपतियों को सालाना संबोधन में उक्त घोषणा की. नवंबर में चरमपंथी हमले के बाद से ही फ्रांस आपात स्थिति में है और ओलोंद नहीं चाहते कि अर्थव्यवस्था में किसी तरह के नये आपातकालीन हालात का संकेत जाए.पिछले साल पेरिस में हुए आतंकी हमले के बाद फ्रांस अपनी अर्थव्यवस्था को डगमगाने से रोकने के लिए इस प्रकार का कदम उठा रहा है. अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए बाहरी कारको से बचने की लिहाज से भी फ्रांस का यह कदम महत्वपूर्ण हो सकता है.
गौरतलब है कि यूरोप की अर्थव्यवस्था में फ्रांस का बड़ा योगदान है. लेकिन यहां अभी करीब साढे तीन लाख लोग बेरोजगार है, जो सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है. सरकार का मुख्य प्रयास भी अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ना और व्यवसायिक शिक्षा का बढ़ावा देना है.
