Sri Lanka Petrol Diesel Price Hike :वेस्ट एशिया (पश्चिम एशिया) में चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच, श्रीलंका सरकार ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है. एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी बार है जब जनता पर महंगाई का यह बोझ डाला गया है.
क्यों बढ़ी कीमतें?
ईंधन के दामों में इस आग की मुख्य वजह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता संघर्ष है. इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) बंद हो गया है, जो दुनिया भर में तेल सप्लाई का सबसे अहम रास्ता है. सप्लाई रुकने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कमी हो गई है, जिसका सीधा असर श्रीलंका की जेब पर पड़ा है.
अब कितना महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल?
सरकार ने आधी रात से ही नए रेट लागू कर दिए हैं. श्रीलंका में अब अलग-अलग ईंधन के दाम कुछ इस तरह बढ़ गए हैं:
| ईंधन का प्रकार | पुरानी कीमत (LKR) | नई कीमत (LKR) | कुल बढ़ोतरी (%) |
| ऑटो डीजल | 303 | 382 | 26.1% |
| पेट्रोल (92 ऑक्टेन) | 317 | 398 | 25.6% |
| पेट्रोल (95 ऑक्टेन) | 365 | 455 | 24.7% |
| केरोसिन (मिट्टी का तेल) | 195 | 255 | 30.8% (सबसे अधिक) |
बस सेवा ठप होने की चेतावनी, बढ़ सकता है किराया
ईंधन के बढ़ते दामों ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर की कमर तोड़ दी है.
- निजी बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि वे 90% बसें सड़कों से हटा लेंगे.
- बस मालिकों का कहना है कि काम जारी रखने के लिए कम से कम 15% किराया बढ़ाना जरूरी है.
- अगर सोमवार को कैबिनेट से किराया बढ़ाने की मंजूरी नहीं मिली, तो देशव्यापी हड़ताल हो सकती है.
- श्रीलंका के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में प्राइवेट ऑपरेटरों की हिस्सेदारी लगभग 75% है, ऐसे में हड़ताल से आम जनता का जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है.
Also Read: 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगे एनुअल FASTag पास के दाम, जानें पुराने यूजर्स को क्या करना होगा
