नयी दिल्ली : विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने इस महीने की शुरुआत से भारतीय शेयर बाजारों से 3,755 करोड रुपये की निकासी की है. यह निकासी मुख्यत: मुनाफावसूली के रुप में की गई. इसके विपरीत आलोच्य अवधि में ऋण बाजार में 10,200 करोड रुपये से अधिक का निवेश किया गया.
नवीनतम आंकडों के अनुसार 17 अक्तूबर तक विदेशी निवेशकों ने 32,484 करोड रुपये मूल्य के शेयर खरीदे जबकि इसी दौरान 36,239 करोड रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की। इस तरह से वे 3,755 करोड रपये (61.2 करोड डालर) मूल्य के बिकवाल रहे. उल्लेखनीय है कि सितंबर में शेयर बाजार में विदेश निवेश घटकर सात महीने के निचले स्तर पर आ गया.
सीएनआई रिसर्च के प्रमुख किशोर ओस्तवाल ने कहा, इस महीने मुख्यत: मुनाफावसूली के चलते धन निकासी देखने को मिली. इसके अलावा बाजार भी सुदृढ हो रहा है. उन्होंने कहा कि भारत में निवेश करने का दीर्घकालिक परिदृश्य अब भी सकारात्मक है. विदेशी निवेशकों (विदेशी संस्थागत निवेशकों या विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों) ने सितंबर में भारतीय शेयर बाजारों में 5,100 करोड रुपये से अधिक का निवेश किया.
यह फरवरी के बाद का सबसे कम शुद्ध निवेश है जब यह राशि 1,404 करोड रुपये रही थी. इस साल की शुरुआत से विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में 79,682 करोड रुपये (13.3 अरब डालर) का निवेश किया है. इस दौरान उन्होंने ऋण बाजार में 1.28 लाख करोड रुपये (21.3 अरब डालर) का निवेश किया.
