7वीं आर्थिक गणना में मोबाइल एप का इस्तेमाल करेगा MoSPI

नयी दिल्ली : केन्द्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमएसपीआई) ने अगले महीने से शुरू होने वाली 7वीं आर्थिक गणना के दौरान मोबाइल फोन एप का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. इससे आंकड़ों के संग्रह और विश्लेषण में मदद मिलेगी. आर्थिक गणना में देशभर में चल रही आर्थिक गतिविधियों और उनके मालिकाना तौर तरीकों […]

नयी दिल्ली : केन्द्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमएसपीआई) ने अगले महीने से शुरू होने वाली 7वीं आर्थिक गणना के दौरान मोबाइल फोन एप का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. इससे आंकड़ों के संग्रह और विश्लेषण में मदद मिलेगी. आर्थिक गणना में देशभर में चल रही आर्थिक गतिविधियों और उनके मालिकाना तौर तरीकों के बारे में जानकारी उपलब्ध होती है. इस गणना को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय, सीएससी ई-गवर्नेंस सविर्सिज इंडिया लिमिटेड (सीएससी एसपीवी) के साथ मिलकर करता है.

सीएससी यानी साझा सेवा केन्द्रों द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि 7वीं आर्थिक गणना मोबाइल एपलीकेशन का इस्तेमाल करके की जायेगी. आर्थिक गणना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इसमें निरीक्षण के दो दौर होंगे. सीएससी केन्द्रों पर तमाम तरह की सेवाएं उपलबध करायी जाती हैं. इनमें आवश्यक सार्वजनिक सुविधा सेवाओं के अलावा सामाजिक कल्याण योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, वित्तीय एवं शिक्षा और कृषि सेवायें भी उपलब्ध करायी जाती है. इसके अलावा, देश के शहरी, ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में स्थित इन सीएससी केन्द्रों पर व्यवसाय से ग्राहकों (बी2सी) सेवाएं भी उपलब्ध करायी जाती है.

एमएसपीआई के सचिव प्रवीण श्रीवास्तव ने यहां प्रशिक्षकों की अखिल भारतीय कार्यशाला प्रशिक्षण के मौके पर कहा कि हम आर्थिक सर्वेक्षण के लिए जमीनी स्तर पर कामकाज जून में शुरू करने जा रहे हैं. इसके लिए 6,000 से अधिक प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजित होने की उम्मीद है. इसके लिए हम मध्यप्रदेश में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला के आयोजन के साथ शुरुआत करने के बाद फिर इस तरह की कार्यशालाएं सभी राज्यों और जिला स्तर पर आयोजित करेंगे.

मंत्रालय के महानिदेशक (ईएस एवं सर्वे) ज्यातिर्मय पोद्दार ने इस अवसर पर कहा कि हमारा इरादा गणना के लिए जमीनी स्तर पर एक जून से काम शुरू करने का है. इसके बाद यह काम तीन महीने में पूरा कर लिया जायेगा. इसके साथ-साथ चरणबद्ध तरीके से परिणाम भी जारी किये जाते रहेंगे. इस पूरे काम को करने में नौ लाख के करीब गणनाकार और तीन लाख निरीक्षक शामिल होंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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