नयी दिल्ली:डीजल के दाम में हर महीने होनेवाली 40 से 50 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि जारी रह सकती है. पेट्रोलियम मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार नयी सरकार पेट्रोलियम पदार्थो के सब्सिडी बिल को कम करने को लेकर काफी गंभीर है. यूपीए की पिछली सरकार ने जनवरी 2013 में डीजल के दाम में हर महीने थोड़ी-थोड़ी वृद्धि का फैसला किया था. यह वृद्धि तब तक होगी जब तक कि डीजल का खुदरा बिक्री मूल्य इसके वास्तविक लागत मूल्य के बराबर नहीं पहुंच जाता. अधिकारी ने यहां कहा, ‘हर महीने की जानेवाली वृद्धि को रोकने की कोई वजह नहीं है.
डीजल बिक्री पर होनेवाला नुकसान जब तक पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता यह वृद्धि जारी रहेगी.’ मासिक मूल्य वृद्धि शनिवार को होनी है. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों इंडियन ऑयल कारपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन को वर्तमान में सरकार द्वारा तय दाम पर डीजल की बिक्री से 4.41 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है. मार्च के बाद से इसमें काफी कमी आयी है.
मार्च में प्रति लीटर डीजल की बिक्री पर कंपनियों को 8.37 रुपये का नुकसान हो रहा था. तेल कंपनियों ने अप्रैल में चुनाव के दौरान दाम नहीं बढ़ाये थे, लेकिन चुनाव निपटते ही उन्होंने डीजल का दाम 1.09 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति में सुधार आने से तेल कंपनियों का नुकसान भी कम हुआ है. मई 2014 के पहले पखवाड़े में औसत दर 59.47 रुपये प्रति डॉलर रही, जबकि अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में यह 60.54 रुपये प्रति डॉलर रही थी.
