नयी दिल्ली: देशभर के छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क में शामिल करने की सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान’ के दूसरे चरण के तहत दरभंगा, बोकारो, करगिल, हरिद्वार, मसूरी, पाकयोंग, इलाहाबाद सहित 60 ऐसे शहरों से हवाई सेवा शुरू होगी जहां से अभी नियमित उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं.
इस योजना के लिए कुल 15 विमान सेवाऔर हेलिकॉप्टर सेवा प्रदाताओं को बुधवार को 325 मार्गों का आवंटन किया गया. इसके तहत कुल 109 हवाई अड्डों और हेलिपोर्टों को जोड़ा जायेगा. इनमें 60 से अभी नियमित उड़ानों का संचालन नहीं होता है, जबकि 13 ऐसे हवाई अड्डे और हेलिपोर्ट हैं, जहां से फिलहाल हर सप्ताह 14 से कम उड़ानों का संचालन होता है.
बात करें एयरलाइन कंपनियों की, तो सबसे ज्यादा 20 नयी उड़ानें इंडिगो शुरू करेगी. वहीं स्पाइसजेट 17, जेट एयरवेज 4 उड़ानें मुहैया करायेगी. इस सेवा से जुड़नेवाली कंपनियों के पास बड़े और छोटे, दोनों तरह के विमान हैं, जिससे किसी भी छोटे शहर को बड़े शहर से जोड़ने में आसानी होगी.
उड़ान योजना के दूसरे चरण में उत्तराखंड में 15 जगहों से उड़ान शुरू करने का प्रस्ताव है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह संख्या 9 है. हिमाचल प्रदेश में 6, राजस्थान में 4, गुजरात में 3 और बिहार में एक जगह से उड़ान की योजना है. वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश के 8, असम के 5, मणिपुर के 5 और सिक्कम में एक जगह से उड़ान शुरू की जानी है.
‘उड़ान’ के दूसरे चरण के तहत इन शहरों से शुरू होंगी विमान सेवाएं –
- बिहार का दरभंगा
- झारखंड का बोकारो, दुमका
- पश्चिम बंगाल से कूच बिहार और बरनपुर
- उत्तर प्रदेश से अलीगढ़, इलाहाबाद, बरेली, चित्रकूट, झांसी, श्रावस्ती
- उत्तराखंड से पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, हरिद्वार, मसूरी, नैनीताल, रामनगर, श्रीनगर
- अरुणाचल प्रदेश में पस्सीघाट, ईटानगर, तेजू, जीरो
- असम का जोरहट, तेजपुर
- मणिपुर का जिरिबम, पाबुंग
- सिक्किम से पाकयोंग
- हरियाणा का हिसार
- हिमाचल प्रदेश का कसौली, मंडी, शिमला
- जम्मू-कश्मीर का करगिल
- महाराष्ट्र का कोल्हापुर, शोलापुर, जलगांव
- कर्नाटक का हुबली
- केरल का कन्नूर
- पंजाब का भटिंडा
- राजस्थान का बिकानेर, जैसलमेर
- गुजरात का कांडला, पोरबंदर
- तमिलनाडु से वेल्लोर.
यहां यह जानना गौरतलब है कि उड़ान योजना के तहत एक घंटे या 500 किलोमीटर की उड़ान के लिए एक तरफ का अधिकतम किराया 2500 रुपये रखा गया है. विमान पर इस किराये के साथ कम से कम 9 और ज्यादा से ज्यादा 40 सीटें मुहैया करानी होगी जबकि बाकी सीटों के लिए किराया बाजार परिस्थितियों के मुताबिक तय होती है. दूसरी ओर, 13 सीटों तक की क्षमता वाले हेलिकॉप्टर पर सभी सीटें रियायती किराये पर उपलब्ध करानी होंगी. रियायती किराये और बाजार किराये के बीच का अंतर सरकार मुहैया करायेगी. बताते चलें कि उड़ान योजना के पहले चरण में अब तक आगरा, भटिंडा, ग्वालियर, कडप्पा, नांदेड, पोरबंदर, बीकानेर सहित 16 हवाई अड्डों से उड़ानें शुरू की जा चुकी है.
