सैफ अली खान की फिल्म कर्तव्य इन-दिनों नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है. इसमें एक्टर हरियाणवी लहजे वाले एक पुलिसवाले के रूप में दिखाई दे रहे हैं. अब सैफ ने खुलासा किया है कि उन्हें ‘ओमकारा’, ‘परिणीता’ और ‘कर्तव्य’ जैसी फिल्मों में यूं ही रोल नहीं मिला, इसके लेकर काफी मेहनत करनी पड़ी.
रेस में अक्षय खन्ना का रोल सैफ अली खान को हुआ था ऑफर
सैफ को फिल्मों में रोल पाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी थी. उन्होंने न्यूज 18 संग इंटरव्यू में कहा, “मुझे ‘एक हसीना थी’ में वो भूमिका निभाने के लिए भी निर्माताओं को मनाना पड़ा, जो मैंने आखिरकार निभाई. ‘रेस’ में भी डायरेक्टर चाहते थे कि मैं अक्षय खन्ना की भूमिका निभाऊं… वो एक शानदार भूमिका थी, लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं बड़े भाई की भूमिका निभाना चाहता हूं, जो थोड़ा अधिक जिम्मेदार हो.”
सीरियस रोल निभाना सैफ के लिए नहीं था आसान
सैफ अली खान ने बातचीत के दौरान बताया कि लोग उन्हें लंबे समय तक रोमांटिक कॉमेडी और हल्के-फुल्के किरदारों में ही देखते रहे. ऐसे में गंभीर और अलग तरह के रोल मिलना उनके लिए आसान नहीं था. उनका कहना था कि फिल्ममेकर्स को उन पर भरोसा दिखाने के लिए काफी हिम्मत करनी पड़ती थी.
ओमकारा में लंगड़ा त्यागी के किरदार से मिली हिम्मत
हालांकि, ओमकारा में लंगड़ा त्यागी का किरदार पूरी तरह विशाल भारद्वाज की सोच का नतीजा था. सैफ ने माना कि उन्होंने खुद कभी नहीं सोचा था कि उन्हें ऐसा डार्क और देसी किरदार निभाने का मौका मिलेगा. उनके मुताबिक, अगर विशाल भारद्वाज उन्हें यह रोल ऑफर नहीं करते, तो शायद वह खुद कभी इस तरह के किरदार के बारे में सोचते भी नहीं.
विशाल भारद्वाज ने ऑफर किया था रोल
सैफ ने कहा कि ओमकारा के मामले में फैसला पूरी तरह विशाल भारद्वाज का था. उन्होंने खुद कभी जाकर ऐसा रोल मांगने की कोशिश नहीं की, क्योंकि वह अपनी इमेज से बिल्कुल अलग था. सैफ का मानना है कि शांत, गंभीर और कम बोलने वाले किरदार आमतौर पर उन्हें ऑफर ही नहीं किए जाते थे.
यह भी पढ़ें- फाइनली आरजे माहवश ने युजवेंद्र चहल संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बताया दोनों के बीच क्या है सच
