Election Express Video: चौपाल में छलका जनता का दर्द, सिकटा विधानसभा में सड़क, सिंचाई और रोजगार बने बड़े मुद्दे

Election Express Video: सिकटा में प्रभात खबर की इलेक्शन एक्सप्रेस चौपाल के दौरान जनता ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं. टूटी सड़कें, जलजमाव, सिंचाई संकट और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर लोगों ने नेताओं से सीधा सवाल किया. जनप्रतिनिधियों ने जवाब दिया, लेकिन जनता संतुष्ट नहीं दिखी.

Election Express Video: प्रभात खबर की ‘इलेक्शन एक्सप्रेस’ बुधवार को पहुंची सिकटा विधानसभा, जहां चौपाल के जरिए आम जनता और नेताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित किया गया. मंच पर विधायक से लेकर तमाम राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे, वहीं सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने क्षेत्रीय समस्याओं पर खुलकर अपनी आवाज बुलंद की.

जनता ने पूछे सीधे सवाल, नेताओं ने दिए जवाब

चौपाल में जनता ने सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर तीखे सवाल दागे. स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशियों को लेकर भी गहरी बहस देखने को मिली. सिकटा के विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने एक-एक सवाल का जवाब देते हुए अपनी उपलब्धियों का बखान किया. हालांकि कुछ जवाबों से जनता संतुष्ट दिखी तो कई मामलों में असहमति भी सामने आई.

विधायक का जवाब और आरोप

विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने मतदाता पुनरीक्षण अभियान को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि गरीबों को वोट देने से वंचित करने की साजिश की जा रही है.

चौपाल के माध्यम से यह साफ हो गया कि सिकटा विधानसभा की जनता अब सिर्फ वादों से नहीं, ज़मीनी बदलाव चाहती है. लोगों ने उम्मीद जताई कि चुनाव में वो ऐसे चेहरे को चुनेंगे, जो विकास की ज़मीन पर खरा उतरे.

पूरे विधानसभा क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई इत्यादि को लेकर तमाम विकास कार्य कराये गये हैं. कुछ सड़कें अधूरी हैं, जिनका टेंडर प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है. उनका भी निर्माण कराया जाएगा. आज बिहार में युवाओं को मिल रही सरकारी नौकरी, परिवारों को मुफ्त बिजली, बुजुर्गों व दिव्यांगों की पेंशन में जो वृद्धि हुई, इसका पूरा श्रेय हमारी पार्टी भाकपा माले के आंदोलनों का है.
वीरेंद्र गुप्ता, विधायक सिकटा

हमारा प्रयास है कि सिकटा का बेटा ही सिकटा का नेता बने. क्षेत्र में उद्योग-धंधे स्थापित कराये. युवाओं को रोजगार दिलाये. महिलाओं को सुरक्षा, किसानों को राहत व बुजुर्गों की लाठी बने. इसी ध्येय को लेकर मैं खुद को एनडीए के प्रत्याशी के रूप में क्षेत्र को प्रोजेक्ट कर रहा हूं. मेरा विजन स्पष्ट है कि सिकटा का चहुमुंखी विकास हो और नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार फिर से आये.
धनेश पटेल, जदयू नेता सह प्रसिद्ध उद्योगपति

आजादी के बाद से ही सिकटा उपेक्षित था. 2005 में जब हमारे नेता खुर्शीद आलम यहां से विधायक बने तो केंद्र से बजट लाकर यहां की 56 सड़कों का निर्माण कराये. इसके बाद 2015 में जब वें मंत्री बने तो पूरे क्षेत्र में विकास के तमाम कार्य हुए. आज के नेता उन्हीं उपलब्धियों को अपना बताकर श्रेय ले रहे हैं. जनता सब समझ रही है.
सत्येंद्र यादव, प्रतिनिधि पूर्व मंत्री

बाहरी व भीतरी का कोई मुद्दा नहीं है. जो काम करेगा, जनता उसे चुनकर लायेगी और पहले भी चुनकर लायी है. आज सिकटा क्षेत्र में जो भी विकास के कार्य दिख रहे हैं, वह हमारे नेता दिलीप वर्मा की देन है. इसके पहले जो यहां के सम्मानित नेता थे, वह नेता कम ठेकेदार ज्यादा थे. आज पूरा क्षेत्र बदहाली के दौर में है. सभी की उम्मीदें हमारे नेता दिलीप वर्मा और समृद्ध वर्मा से है.
महमूद आलम, सामाजिक कार्यकर्ता

आज सिकटा अपनी दुर्दशा झेल रहा है. प्रखंड से लेकर अंचल तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है. अब चुनाव नजदीक है तो सबको जनता और क्षेत्र की चिंता हो रही है. सही बात यह है कि यहां के किसी भी नेता ने सिकटा के विकास के बारे कोई जिम्मेदारी नहीं ली. आज जनसुराज इन सभी का विकल्प बनकर उभरा है.
अखिलेश्वर प्रसाद उर्फ झुन्नू, जनसुराज नेता

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लेखक के बारे में

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.