NDA Seat Sharing: चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद NDA में हो सकता है सीटों का बंटवारा, अभी भी एक साथी का हो रहा इंतजार

NDA Seat Sharing: बिहार विधानसभा चुनाव मुहाने पर है. लेकिन एनडीए और महागठबंधन दोनों खेमे में सीट शेयरिंग फाइनल नहीं हुआ है. दोनों गठबंधन की छोटी पार्टियां सम्मानजनक सीटों की मांग कर रही है. आइये जानते हैं किन बातों को लेकर खींचतान की स्थिति बनी है?

NDA Seat Sharing: बिहार में एनडीए और महागठबंधन के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है. यह विवाद केवल सीटों की संख्या पर ही अटका नहीं है, बल्कि दो और अहम कारण भी हैं जिनकी वजह से सहमति बन नहीं पा रही है. पहला कारण है- पसंदीदा सीटों का मुद्दा और दूसरा- सीटों की अदला-बदली का मसला. पिछले दिनों जब अमित शाह बिहार आये थे तब उन्होंने बिहार सीएम नीतीश कुमार के साथ इन मुद्दों पर चर्चा की थी. हालांकि, कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया. इसी बीच खबर आ रही है कि चुनाव की तारीखों की घोषणा की बाद ही सीट बंटवारे पर ऐलान होगा.

आचार संहिता अक्टूबर के पहले सप्ताह में लगेगी!

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दशहरा के बाद कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है. ऐसा इसलिए कि वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन 30 सितंबर को पूरा होना है. चुनाव आयोग को तकरीबन एक माह के भीतर अधिसूचना जारी करने से लेकर चुनाव परिणाम घोषित करने तक की पूरी प्रक्रिया को पूरा करना है. एक और चर्चा यह चल रही है कि बिहार की सभी 243 सीटों पर वोटिंग अधिकतम दो फेज में कराया जायेगा.

एनडीए को अभी भी एक दल के वापसी की उम्मीद

बीजेपी, जदयू, हम, लोजपा (रा) और रालोमो एनडीए ला हिस्सा हैं. सभी दलों ने एकजुटता दिखाने के लिए सभी जिलों में कार्यक्रम किया. कुछ बयानों को छोड़ दे तो इस खेमे में सब कुछ ठीक दिखाई दे रहा है. सभी दल नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने को राजी हैं. इन तमाम बातों के बावजूद एनडीए के रणनीतिकारों को अभी भी उम्मीद है कि VIP चीफ मुकेश सहनी महागठबंधन से अलग हों जायेंगे क्योंकि उनका का डिप्टी सीएम का डिमांड पूरा होता नहीं दिख रहा है. इसलिए सत्ताधारी गठबंधन आचार संहिता की घोषणा के होने तक मुकेश सहनी के एनडीए में आने का इंतजार कर रहा है.

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2020 में ऐसा था सीट शेयरिंग का फार्मूला

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जदयू को 122 सीटें और बीजेपी को 121 सीटें मिली थी. उस वक्त तय हुआ था कि दोनों बड़ी पार्टी अपने हिस्से में से हम और VIP को सीट देगी. तब जदयू ने जीतनराम मांझी की हम पार्टी को 7 सीटें दी थी.

बीजेपी ने अपने कोटे से वीआईपी को 11सीटें दी थी. इस चुनाव में मुकेश सहनी हार गए थे लेकिन उनकी पार्टी के 4 उम्मीदवारों को जीत मिली. 2025 में एनडीए गठबंधन में दो नए दल शामिल हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस चुनाव में भाजपा को लोजपा (आर) से सीटों की हिस्सेदारी तय करनी है. जदयू को इस बार हम और रालोमो के बीच सीटों की हिस्सेदारी करनी है.

एनडीए के बड़े नेता आचार संहिता लगने के बाद सीटों की हिस्सेदारी की घोषणा करेंगे. लेकिन अभी तक जो समीकरण सामने आया है उसके मुताबिक बीजेपी 20 सीटें लोजपा(आर) को देने जा रही है. जदयू हम को 8 से 10 और रालोमो को 6 से 8 सीट दे सकती है. सीटों की संख्या के ऐलान के बाद कौन किस सीट से लड़ेगा यह तय किया जायेगा.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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