Dhaka Vidhan Sabha: भाजपा का गढ़ रहा है मोतिहारी का ढाका सीट, क्या इस बार भी दिखेगा पवन जायसवाल का करिश्मा

Dhaka Vidhan Sabha Chunav 2025: ढाका विधानसभा सीट बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की एक प्रमुख राजनीतिक सीट है. यहां समय-समय पर सत्ता परिवर्तन देखने को मिला है. यह सीट कई बड़े नेताओं का गढ़ रही है. 2025 के विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा और राजद के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है.

Dhaka Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की महत्वपूर्ण सीटों में शामिल ढाका विधानसभा क्षेत्र ने दशकों से बदलते राजनीतिक दौर और नेताओं की लोकप्रियता का गवाह रहा है. यह सीट हमेशा से राजनीतिक उठापटक और पार्टी बदलाव की मिसाल रही है. 1977 में हुए पहले चुनाव में जनता पार्टी के सियाराम ठाकुर ने जीत हासिल की थी. इसके बाद 1980 और 1985 में कांग्रेस के मोतिउर रहमान ने लगातार दो बार इस सीट पर जीत दर्ज की. 1990 और 1995 में यह सीट बीजेपी के खाते में गई और अवनीश कुमार सिंह दोनों बार विधायक चुने गए. इससे भाजपा ने यहां अपनी जड़ें मजबूत कीं.

बीजेपी के खाते में कैसे आई

वर्ष 2000 के चुनाव में राजद के मनोज कुमार सिंह ने यहां से जीत हासिल कर भाजपा से सीट छीन ली. फिर 2005 में बिहार में फरवरी और अक्टूबर दो बार विधानसभा चुनाव हुए. दोनों ही बार भाजपा के अवनीश कुमार सिंह ने जीत दर्ज कर पार्टी की वापसी कराई. 2010 में एक नया राजनीतिक चेहरा सामने आया जब निर्दलीय प्रत्याशी पवन कुमार जायसवाल ने सभी को चौंकाते हुए यह सीट जीत ली. 2015 के चुनाव में यह सीट राजद के खाते में चली गई और फैजल रहमान विधायक बने. लेकिन 2020 में भाजपा ने दोबारा पवन कुमार जायसवाल को टिकट देकर मैदान में उतारा और उन्होंने फैजल रहमान को हराकर सीट दोबारा भाजपा के खाते में ला दी.

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पवन की मजबूत पकड़

2020 के चुनाव में पवन कुमार जायसवाल ने 99792 वोट प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया था, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी फैजल रहमान को 89678 वोट मिले थे. वहीं आरएलएसपी के राम पुकार सिन्हा तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 10932 वोट मिले. इस चुनाव ने दर्शाया कि पवन कुमार जायसवाल की पकड़ अब इस क्षेत्र में मजबूत हो चुकी है.

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फिर बीजेपी VS राजद की उम्मीद

2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है. ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा एक बार फिर पवन कुमार जायसवाल को ही मैदान में उतार सकती है. दूसरी ओर राजद भी फैजल रहमान को दोबारा उतारने की योजना बना सकता है, जिन्होंने 2015 में जीत दर्ज की थी और 2020 में बेहद करीबी मुकाबला किया था. अगर महागठबंधन एकजुट होकर इस सीट पर चुनाव लड़ता है तो मुकाबला बेहद रोमांचक हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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